{"_id":"9f7934c2c427a7e62849a6b5bc1ce93c","slug":"agni-5-launched-again","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन तक मार करने वाली अग्नि-5 लॉन्च","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चीन तक मार करने वाली अग्नि-5 लॉन्च
Updated Sun, 15 Sep 2013 05:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने लंबी दूरी की परमाणु क्षमता से लैस एक अहम बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफल प्रक्षेपण किया है।
इस मिसाइल का दूसरा सफल प्रक्षेपण ओडीशा के बालासोर ज़िले के चांदीपुर प्रक्षेपण क्षेत्र से किया गया।
इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है। अग्नि-5, 1,000 किलोग्राम वज़न के परमाणु हथियार को ले जाने में सक्षम है और यह बिना किसी चूक के चीन और यूरोप पर निशाना साध सकता है।
इस जटिल मिसाइल का वज़न क़रीब 50 टन और इसकी लंबाई 17।5 मीटर है।
क्या है अग्नि-5 की विशेषता
पिछले साल 19 अप्रैल को अग्नि-5 का पहला सफल परीक्षण किया गया था और भारत इसके बाद ही अमरीका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों के क्लब में शामिल हो गया था जिनके पास ऐसी क्षमता पहले से ही थी।
अग्नि-5 की बदौलत ही भारत परमाणु हमले की स्थिति पैदा होने पर कार्रवाई करने में सक्षम हुआ है।
सबसे तेज़ गति की यह पहली ऐसी मिसाइल थी जिसने भूमध्य रेखा को पार किया।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के प्रमुख अविनाश चंदर ने कहा कि अग्नि-5 त्वरित गति से किसी परमाणु हमले की स्थिति में कार्रवाई करने की मारक क्षमता रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मिसाइल का दूसरा सफल प्रक्षेपण ओडीशा के बालासोर ज़िले के चांदीपुर प्रक्षेपण क्षेत्र से किया गया।
इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है। अग्नि-5, 1,000 किलोग्राम वज़न के परमाणु हथियार को ले जाने में सक्षम है और यह बिना किसी चूक के चीन और यूरोप पर निशाना साध सकता है।
इस जटिल मिसाइल का वज़न क़रीब 50 टन और इसकी लंबाई 17।5 मीटर है।
क्या है अग्नि-5 की विशेषता
पिछले साल 19 अप्रैल को अग्नि-5 का पहला सफल परीक्षण किया गया था और भारत इसके बाद ही अमरीका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों के क्लब में शामिल हो गया था जिनके पास ऐसी क्षमता पहले से ही थी।
विज्ञापन
अग्नि-5 की बदौलत ही भारत परमाणु हमले की स्थिति पैदा होने पर कार्रवाई करने में सक्षम हुआ है।
सबसे तेज़ गति की यह पहली ऐसी मिसाइल थी जिसने भूमध्य रेखा को पार किया।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के प्रमुख अविनाश चंदर ने कहा कि अग्नि-5 त्वरित गति से किसी परमाणु हमले की स्थिति में कार्रवाई करने की मारक क्षमता रखता है।
विज्ञापन