हैरत में डाल देंगी खतरनाक अग्नि-5 मिसाइल की खासियतें
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देश की सामरिक क्षमता को और धार देते हुए भारत ने शनिवार को ओडिशा तट के व्हीलर द्वीप से स्वदेश निर्मित अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का पहला कैनिस्टर आधारित परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
इसकी मारक क्षमता 5000 किमी से अधिक है और यह एक टन से अधिक परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के निदेशक एमवीकेवी प्रसाद ने बताया कि अग्नि-5 मिसाइल को व्हीलर द्वीप पर एक सचल प्रक्षेपक पर बनाए गए एक कैनिस्टर से प्रक्षेपित किया गया। आईटीआर के प्रक्षेपक परिसर 4 से तीन चरण वाले ठोस प्रणोदक प्रक्षेपास्त्र का करीब 8 बज कर 6 मिनट पर त्रुटिरहित स्वत: प्रक्षेपण हुआ।
उन्होंने बताया कि विभिन्न रडार और नेटवर्क प्रणालियों से सभी डाटा मिलने के बाद ही इसके परिणाम के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। अग्नि-5 का यह तीसरा प्रायोगिक परीक्षण था। इससे पहले 19 अप्रैल, 2012 को पहली बार जबकि 15 सितंबर, 2013 को दूसरी बार इसका परीक्षण किया जा चुका है।
प्रसाद के मुताबिक अग्नि शृंखला की अन्य मिसाइलों से अलग नवीनतम अग्नि-5 नेविगेशन और मार्गदर्शन, वारहेड और इंजन के मामले में कुछ नई तकनीक से लैस है। हालांकि अभी सेना में शामिल होने के लिए इसके और परीक्षण की जरूरत होगी। अग्नि-5 की यह उपलब्धि डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंदर के कार्यकाल के अंतिम दिन एक सलामी भी है।
क्या है खासियत
कैनिस्टर आधारित होने के कारण इसे सड़क के रास्ते कहीं भी पहुंचाया जा सकता है और इसे अपनी पसंद की जगह से लांच करने में अधिक आसानी होगी। इसी खूबी के कारण इसे दुश्मन के उपग्रह निगाहों से भी बचाया जा सकता है।
परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अंतर महाद्वीपीय मिसाइल विकसित करने वाला अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के बाद भारत दुनिया का पांचवां देश है। अत: इसे अगर वास्तविक नियंत्रण रेखा से लांच किया जाए तो यह चीन के उत्तरी शहर तक निशाना साध सकती है।
ऐसी है यह मिसाइल
स्वदेश में विकसित सतह से सतह पर मार करने में सक्षम अग्नि-5 की मारक क्षमता 5000 किलोमीटर से ज्यादा है। यह मिसाइल करीब 17 मीटर लंबी, दो मीटर चौड़ी और इसका वजन करीब 50 टन है। इसके अलावा यह 600 किमी से अधिक ऊंचाई तक जा सकती है।
भारत के पास अग्नि रेंज की अन्य मिसाइल
सशस्त्र बलों में पहले से ही पाकिस्तान को लक्षित करते हुए बनाई गई अग्नि-1 (700 किमी) और अग्नि-2 (2,000 किलोमीटर से अधिक) और 2500 से 3000 किमी तक मार करने वाली अग्नि-3 और अग्नि-4 मिसाइल पहले ही शामिल की जा चुकी हैं।
दुनिया की पांच बड़ी अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल
2-जेरिको-3: दुनिया की दूसरे नंबर की यह इस्राइली मिसाइल 11500 किमी तक मार करने में सक्षम
3-आरएस-24 यार्स: दुनिया की तीसरे नंबर की यह रूसी मिसाइल 11000 किमी तक मार करने में सक्षम
4-डीएफ 31: दुनिया की चौथे नंबर की यह चीनी मिसाइल 8000 किमी तक मार करने में सक्षम
5-अग्नि-5: दुनिया की पांचवें नंबर की यह मिसाइल 5000 से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम