फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   again modi is star campaigner in party.

विधानसभा चुनावों में पीएम मोदी होंगे स्टार प्रचारक

Thu, 18 Sep 2014 12:10 AM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 12:10 AM IST
विज्ञापन
again modi is star campaigner in party.

चार महीने पहले लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा में ऊपर से तो नितांत चुप्पी दिख रही है, लेकिन पार्टी के भीतर खलबली मची हुई है।

विज्ञापन


दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की गैर मौजूदगी में भाजपा का कोई बड़ा नेता इस मुद्दे पर खुल कर या औपचारिक तौर पर बात करने से परहेज कर रहा है।

चर्चा होने लगी है कि भाजपा को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की रणनीति छोड़ मोदी के विकास और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडों पर वापस लौटना होगा।

संभावना यह भी जताई जा रही है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन और समझौते के गड़बड़ हो रहे समीकरण के मद्देनजर पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार में उतारेगी।
विज्ञापन

विकास और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे पर जोर

again modi is star campaigner in party.

अमित शाह की चुनावी रणनीति के जुड़ी टीम से संबंधित वरिष्ठ नेता के मुताबिक अगर अगले महीने महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले चुनावों में भाजपा अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो उसका सीधा असर नवंबर के आस पास होने वाले झारखंड और जम्मू-कश्मीर के चुनाव पर पड़ेगा।

दिल्ली में भी अगर चुनाव कराने पड़े तो यह भाजपा के लिए और भी जोखिम भरा साबित होगा। सूत्रों के मुताबिक इन चुनावों का रणनीतिक फैसला खुद अमित शाह ही करेंगे। लेकिन चार महीने में ही हार का स्वाद चखने के बाद खासतौर पर महाराष्ट्र और हरियाणा में मोदी को उनके विकास और भ्रष्टाचार के एजेंडे के साथ उतारना निश्चित लग रहा है।

महाराष्ट्र में सीट बंटवारे शिवसेना झुकने को तैयार नहीं है।  उधर हरियाणा में हरियाणा जनतांत्रिक कांग्रेस (हजकां) के साथ गठबंधन नहीं करने का फैसला कर चुके अमित शाह अब तक किसी दूसरी पार्टी के संबंध में भी कोई फैसला नहीं कर पाए हैं। सूत्र के मुताबिक आसार यही दिख रहे हैं कि इन चुनावी नतीजे के बाद बदले परिवेश में दोनों राज्यों में भाजपा अकेले ही मैदान में उतरेगी। इन दोनों राज्यों में राज्य स्तर के नेतृत्व के नहीं होने की वजह से भी संभव है कि मोदी को प्रचार में जोर शोर से उतारा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed