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जेल में दफनाया गया तीसरा आतंकी है अफजल गुरू

नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 10 Feb 2013 08:17 PM IST
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afzal guru is third terrorist buried in jail

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अफजल गुरू को तिहाड़ जेल में दफनाने की कोई स्पष्ट वजह सरकार न बताए लेकिन यह साफ है कि कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए उसने यह कदम उठाया। जबकि शव को न सौंपे जाने के कई अन्य कारण भी हैं।
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अफजल तीसरा आतंकी है जिसे जेल में ही दफन किया गया है। इससे पहले गत वर्ष नवंबर में मुंबई पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकी आमिर अजमल कसाब और फरवरी, 1984 में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के सह-संस्थापक मकबूल भट्ट को सूली में चढ़ाने के बाद जेल में ही दफना गया था।


केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने अफजल के शव को परिजनों को न सौंपने का कोई कारण तो नहीं स्पष्ट किया। लेकिन उनका इशारा आंतरिक सुरक्षा की ओर ही था।

पटना हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस नागेंद्र राय के मुताबिक आम तौर पर तो दोषी को फांसी देने के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया जाता है। लेकिन आतंकियों के मामले में यह खास ख्याल रखा जाता है कि कहीं उसके शव के जरिए कोई संगठन अनायास हंगामा न खड़ा कर पाए।

अफजल की फांसी को लेकर देशभर में जहां लोग सरकार की सराहना कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इस फांसी को दुर्भाग्यपूर्ण भी कह रहे हैं। लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का हक है, लेकिन कानून-व्यवस्था का ख्याल रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

जस्टिस राय ने कहा कि सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार को ऐसे मामलों में शव को परिजनों के सुपुर्द न करने का पूरा अधिकार है। अफजल पहला आतंकी नहीं है जिसे जेल में दफनाया गया है।

गत वर्ष नवंबर में कसाब को मुंबई की यरवदा जेल में दफनाया गया। जबकि उससे पहले तिहाड़ में ही फरवरी, 1984 में मकबूल भट्ट को दफनाया गया था। हालांकि उसे फांसी पर लटकाए जाने का मसला सरकार की ओर से इतना गुप्त नहीं रखा गया था जितना कसाब और अफजल के मामले को रखा गया।

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