फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   afzal guru hanged at tihar jail in 2001 parliament attack case

फांसी के बाद तिहाड़ में ही दफनाया गया अफजल गुरु

Sat, 09 Feb 2013 03:02 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 09 Feb 2013 03:02 PM IST
विज्ञापन
afzal guru hanged at tihar jail in 2001 parliament attack case

संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दे दी गई। राष्ट्रपति द्वारा अफजल गुरु की दया याचिका खारिज करने के बाद तिहाड़ जेल में उसे फांसी पर लटकाया गया। गृह सचिव आर के सिंह ने इसकी पुष्टि की। उसके शव को तिहाड़ में ही दफनाया गया है।

विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तीन फरवरी को अफजल की दया याचिका को नामंजूर करते हुए उस पर दस्तख्त किए। उसके बाद मैंने चार फरवरी को फांसी दिए जाने के लिए दस्तख्त किए। फिर कोर्ट ने अफजल को फांसी दिए जाने के लिए नौ फरवरी की तारीख मुकर्रर की। जिसके अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दे दी गई।   
विज्ञापन


वहीं, गृह सचिव आर के सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका नामंजूर करने के बाद गृह मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण को पूरा करने की कार्यवाही शुरु की। फांसी दिए जाने की सूचना अफजल गुरु के घरवालों को दे दी गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हाई अलर्ट   
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार सुबह श्रीनगर समेत वादी के विभिन्न इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। जानकारी के अनुसार किसी को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। अफजल को फांसी दिए जाने से प्रशासन को कश्मीर में हालात बिगडऩे की आशंका है। स्थिति को काबू में रखने के लिए ही एहतियातन कर्फ्यू लगाया गया है। पाकिस्तान से लगे सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। दिल्ली में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

जेल में किया दफन
अफजल को तिहाड़ के जेल नंबर तीन में फांसी दी गई। फांसी देने की कार्यवाही इतनी गोपनीय थी कि जेल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार, अफजल के शव को तिहाड़ जेल के अंदर ही दफना दिया गया।  

भाजपा ने किया स्वागत
मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि यह देर से लिया गया राष्ट्रिय हित का फैसला है। अफजल गुरु भारतीय लोकतंत्र के मंदिर पर हमला करने का दोषी था, पूरा देश चाहता था कि अफजल को फांसी दी जाए।

आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रूख
13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले का मास्टरमाइंड अफजल गुरु पिछले 11 साल से तिहाड़ जेल के एक अति सुरक्षित सेल में बंद था। पिछले दिनों 26/11 के पाकिस्तानी आतंकी आमिर अजमल कसाब को पुणे के यरवदा जेल में 21 नवंबर को फांसी पर लटकाने के बाद से ही अफजल गुरु को भी जल्दी फांसी देने की मांग तेज हो गई थी। 

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि यह संसद हमले में शहीद हुए नौ सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि है। भारत सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।   


सरकार ने अजमल कसाब और अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने को बेहद गोपनीय रखा लेकिन इन दोनों फैसलों से सरकार ने बता दिया है कि आतंकवाद के मुद्दे को वह बहुत ही कड़ाई से निपटने वाली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed