एक्सक्लूसिव: शहरों के बाद गांव भी बनेंगे स्मार्ट
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100 स्मार्ट सिटी योजना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांवों को भी सौगात देने की तैयारी में हैं। उनकी अगली महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट विलेज है। इसके तहत देश में 300 गांव चुने जाएंगे। इसके लिए 5,140 करोड़ रुपये का बजट भी निश्चित कर दिया है। सर्वाधिक गांव उत्तर प्रदेश से हो सकते हैं।
संभवत: टॉप 20 स्मार्ट सिटी बनाने के बाद योजना पर कार्य शुरू होगा। योजना भारतीय जनता पार्टी के आदर्श माने जाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शुरू होगी। इसमें बिजली(खास तौर से सौर ऊर्जा), पानी, सड़क, शौचालय, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, संचार की सुविधा होगी।
वैज्ञानिक तरीके से खेती सिखाई जाएगी। क्षेत्र विशेष की फसल के आधार पर लघु उद्योग विकसित किए जाएंगे। निजी कालेज के सेमिनार में भाग लेने आए शहरी विकास मंत्रालय के एसोसिएट टाउन एंड कंट्री प्लानर डा. पवन कुमार ने बताया कि योजना का खाका तैयार हो चुका है। गांवों का चयन नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन बाद गांवों की बारी है।
जनाब! व्यवस्थाएं भी हो जाएंगी स्मार्ट
आम चुनाव के प्रचार में नरेंद्र मोदी ने भाषण में ई-गर्वनेंस का मुद्दा यूं हीं नहीं उठाया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत उनकी यह सोच आधार लेने जा रही है। शहरों के आधुनिक विकास में आईटी, एरिया बेस्ड और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खासा जोर रहेगा।
आईटी डेवलपमेंट के तहत सरकारी विभाग ऑनलाइन होंगे। बिल समेत कैसे भी प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तर नहीं जाना होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट में सड़क, सीवर, फुटपाथ, पार्क की दशा तो सुधरेगी ही नए निर्माण भी होंगे। सबसे खास एरिया बेस्ड डेवलपमेंट है।
इसमें शहर की ‘पहचान’ का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास होगा। जैसे कि आगरा की बात करें तो ताजमहल समेत दर्जनों एतिहासिक स्मारक इसकी पहचान हैं। इसको उद्योग के तौर पर विकसित कर जरूरत के मुताबिक संसाधनों का विकास किया जाएगा।