अब हाजी अली दरगाह में इबादत के लिए महिलाओं ने खोला मोर्चा
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महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिंगणापुर स्थित शनि देव मंदिर में पूजा करने की अनुमति को लेकर उठा विवाद अभी शांति भी नहीं पड़ा है कि अब मुंबई के हाजी अली दरगाह में इबादत के लिए महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है।
हाजी अली दरगाह में महिलाओं को प्रवेश की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन संगठन ने वाघिनी महिला संगठन के साथ मिलकर मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन किया।
मुंबई के बीच समुद्र में हाजी अली का दरगाह है, जहां हजारों लोग रोज इबादत करने आते हैं। 2011 से इस दरगाह में महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। इसको लेकर महिलाओं ने बांबे हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की है।
राय मशविरा करने की दी थी सलाह
चूंकि मामला धार्मिक है, इसलिए हाईकोर्ट ने हाजी अली दरगाह ट्रस्ट से आपस
में राय मशविरा करने की सलाह दी थी, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद
मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन
(बीएमएमए) की नूर जहां नियाज ने कहा कि हाजी अली दरगाह में महिलाओं का
प्रवेश रोकना इस्लाम और संविधान के खिलाफ है।
विरोध प्रदर्शन के माध्यम से
महिलाओं ने कोर्ट से गुहार लगाई कि वह संविधान में प्रदत्त अधिकारों के तहत
महिलाओं को समानता के अधिकार का लाभ दिलाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोर्ट
के फैसले का इंतजार है।
उसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी। वहीं, वाघिनी
महिला संगठन की नेता ज्योति वेडेकर ने कहा कि महिलाओं को हर समय अपमान सहन
करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिंदू हो या मुस्लिम सभी धर्म की महिलाओं
को इबादत और पूजा का अधिकार मिलना चाहिए।