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लौटते ही सियासी फोकस केंद्र बना राहुल का घर

Fri, 17 Apr 2015 01:03 AM IST
Updated Fri, 17 Apr 2015 01:03 AM IST
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After returning Rahul congress new plan.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लौटते ही कांग्रेस का राजनीतिक फोकस दस जनपथ से हटकर 12 तुगलक लेन पर शिफ्ट होता दिख रहा है। राहुल के आते ही सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के खुद 12 तुगलक लेन पहुंचने को कांग्रेस के शीर्ष स्तर पर एक संकेत माना जा रहा है।

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कांग्रेस अध्यक्ष रणनीतिक तौर पर 12 तुगलक लेन पहुंची थीं। अपने इस कदम से वह पार्टी नेतृत्व को लेकर जारी उलझन दूर करना चाहती हैं। साथ ही प्रियंका की 12 तुगलक लेन पर मौजूदगी में भी संदेश छिपे होने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि वह राहुल के रास्ते में रोड़ा नहीं बनेंगी।
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कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का कहना है कि राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का फैसला भले अभी नहीं लिया जाए मगर पार्टी अध्यक्ष उनके खिलाफ उठ रहे सुरों को जल्द से जल्द थामने के पक्ष में हैं। इसलिए सोनिया और प्रियंका ने एकजुटता दिखाते हुए राहुल की अगवानी की।
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प्रियंका नहीं बनेंगी राहुल के रास्ते में रोड़ा

After returning Rahul congress new plan.

अमूमन राहुल ही दस जनपथ जाते हैं। मगर सोनिया ने बेटी प्रियंका के साथ राहुल के घर जाकर साफ संदेश दिया है कि राजनीतिक फोकस दस जनपथ से हटकर 12 तुगलक लेन होना चाहिए।

राहुल की छुट्टियों के दौरान कांग्रेस दो भागों में बंट गई। एक तरफ सोनिया के वफादार और दूसरी तरफ राहुल के समर्थक नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर वार किए। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, शीला दीक्षित और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने राहुल गांधी पर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि अपनी सहूलियत के मुताबिक किसी ने भी जो भी बयान दिया हो मगर कांग्रेस अध्यक्ष चाहती हैं कि राहुल के नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़े।

भले तुरत फुरत ताजपोशी का कार्यक्रम न हो। मगर देर सबेर वह उनके हाथों से कमान सौंपने का मन बना चुकी हैं। पार्टी नेताओं का आकलन है कि प्रियंका भी राहुल के रास्ते में रोड़ा नहीं बनना चाहतीं।

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