UP: रेप के बाद धर्म परिवर्तन अश्लील क्लिप भी बनाई
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खरखौदा कांड की तपिश अभी ठंडी भी नहीं पड़ी कि लगभग इसी तरह का एक और मामला सामने आ गया है। एक महिला से मीरापुर के एक निजी अस्पताल में नौकरी देने का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया।
करीब दो साल तक उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाते हुए अश्लील क्लिप बनाई गई। महिला का धर्मांतरण कर उसे मीरापुर और मवाना में बंधक बनाकर रखा गया।
पांच दिन पूर्व किसी तरह छूटकर भागी महिला ने सोमवार देर शाम आईजी जोन से मिलकर शिकायत दर्ज कराई।
मूल रूप से बदरपुर, दिल्ली निवासी पीड़ित महिला ने आईजी जोन आलोक शर्मा को दिए शिकायती प्रार्थनापत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी शादी मीरापुर (मुजफ्फरनगर) निवासी एक युवक से 2003 में हुई थी। उसका पति नशा करता था, इसलिए घर में आर्थिक तंगी रहने लगी।
नौकरी का झांसा देकर बनाई अश्लील क्लिप
मार्च 2012 में बीमारी के चलते वह मीरापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई थी। जहां दवाईयों के भुगतान को लेकर उसकी मुलाकात अस्पताल के मालिक से हुई।
आरोप है कि उसने उसकी गरीबी का फायदा उठाते हुए अस्पताल में नौकरी का झांसा दिया। इंटरव्यू के नाम पर बुलाकर उससे छुरे की नोक पर दुष्कर्म किया। धमकी दी कि यदि किसी से शिकायत की तो उसके बच्चों को जान से मार दिया जाएगा।
अगले दिन भी आरोपी ने उसे अस्पताल बुलाया और बीते दिन किए दुष्कर्म की क्लिप दिखाकर धमकी दी कि यदि मुंह खोला तो क्लिप को इंटरनेट पर डाल दूंगा।
आरोपी ने उसे बतौर सहायक नौकरी पर रख लिया और उससे लगातार दुष्कर्म करता रहा। 27 अक्तूबर 2013 को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां दो इमाम बुलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराकर बंधक बना लिया।
आरोपी ने उससे अप्राकृतिक संबंध भी बनाए। साथ ही कहा कि मैंने तुमसे निकाह कर लिया है। अब तुम मेरी बेगम हो। उसने अगले दिन से जबरन बुर्का पहनाना शुरू कर दिया।
पांच दिन पहले चंगुल से निकली पीड़िता
महिला के अनुसार, उसने जब कहा कि वह पहले से शादीशुदा है और पति से तलाक भी नहीं हुआ तो आरोपी ने मुजफ्फरनगर में उसका पति से तलाक का केस डलवा दिया।
इसके बाद मवाना में एक किराए के मकान में बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया जाता रहा। करीब एक सप्ताह पूर्व अस्पताल में उसके संपर्क में एक युवक आया, जिसे उसने अपनी कहानी बताई। पांच दिन पूर्व वह युवक उसे मवाना से छुड़ाकर ले गया।
प्रार्थनापत्र पढ़ते समय आईजी जोन ने पीड़िता से कई बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए। उसके बाद एसएसपी मुजफ्फरनगर एचएन सिंह को इस प्रकरण से अवगत कराते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
आईजी ने सीओ स्वर्णजीत कौर और एसओ महिला थाना अलका सिंह को अपने आफिस बुलाकर महिला के बयान दर्ज कराए। एसएसपी ओंकार सिंह ने भी आईजी आफिस पहुंचकर महिला से पूछताछ की।
आईजी ने बताया कि महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। मेरठ और मुजफ्फरनगर के एसएसपी को कोऑर्डिनेट करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।