फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   after Rape, murder silence spreads in lucknow

गैंगरेपः परेशान करती है लखनऊ की खामोशी

Mon, 21 Jul 2014 02:56 PM IST
अतुल चंद्रा/लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
अतुल चंद्रा/लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए Updated Mon, 21 Jul 2014 02:56 PM IST
विज्ञापन
after Rape, murder silence spreads in lucknow

लखनऊ-रायबरेली सड़क पर एक बड़ी आवासीय योजना के सेक्टर 16 में रहने वाले अधिकतर लोग मध्यमवर्ग के हैं।

विज्ञापन


इसी इलाके में एक मंदिर के निकट किराए के मकान में वो महिला रहती थी जिसे चार दिन पहले बलात्कार के बाद मार दिया गया था। उस एक कमरे में वो औरत अपनी 13 साल की बेटी और छह साल के बेटे के साथ किराए पर रहती थी।

उस कमरे पर अब ताला पड़ा है। उसके बच्चों को उनके चाचा अपने साथ देवरिया ले गए हैं। बंद दरवाजे के पीछे उस औरत की जिंदगी के जो भी निशान होंगे उसका केवल अंदाजा भर लगाया जा सकता है।
विज्ञापन


मकान मालिक इस विषय में ना तो कोई बात करने को तैयार हैं और ना ही कोई फोटो खींचने की इजाजत दे रहे हैं।

पुलिसकर्मी निलंबित

after Rape, murder silence spreads in lucknow

प्रदेश की राजधानी से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर मोहनलालगंज क्षेत्र में दो बच्चों की मां के बलात्कार के बाद लखनऊ शहर की खामोशी परेशान करती है।

कुछ नेटीजेन उस मृत महिला की नग्न तस्वीर फेसबुक पर देख रहे हैं। जिन लोगों ने वो तस्वीर अपलोड की है उनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। रविवार को छह पुलिस कर्मियों को इस आरोप में निलंबित कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार ऐसे 50 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है जिन्होंने फोटो शेयर की है। मृतक महिला के 55 वर्षीय शिक्षक पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने जीवन में बहुत संघर्ष किया था।

'संघर्ष भरा जीवन'

after Rape, murder silence spreads in lucknow

महिला के पिता का कहना था, "शादी के समय ही उसके पति की सेहत ठीक नहीं थी लेकिन उसके ससुराल वालों ने यह नहीं बताया कि उसका एक गुर्दा खराब है। पहले तो लड़के की मां ने और फिर हमारी लड़की ने उसे अपना गुर्दा दिया जिससे वह दस साल ज़िंदा रहा। लेकिन नवम्बर 2011 में उसकी मृत्यु हो गई।"

उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु के बाद ससुराल वालों की तरफ से महिला को कोई खास मदद नहीं मिली, जिसके कारण उसे अकेले बच्चों की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।

महिला के पिता चाहते हैं कि सरकार बच्चों को जो भी आर्थिक मदद दे वह ऐसी हो कि बच्चों के बालिग होने के बाद ही उनको मिले नहीं तो "उनका चाचा के पास पूरा पैसा चला जाएगा और कहीं इस्तेमाल भी न हो जाए"।

विज्ञापन

मामले की जांच में जुटी है पुलिस

after Rape, murder silence spreads in lucknow

एडीजी सुतपा सान्याल, जो इस मामले की जांच कर रही हैं, उन्होंने रविवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि रामसेवक यादव नाम के चौकीदार ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया था।

सान्याल ने बताया कि रामसेवक यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने जांच के बाद आरोप लगाया है कि गिरफ्तार व्यक्ति के शरीर पर नाखून से नोचने के निशान हैं जो फॉरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार तीन-चार दिन पुराने हैं।

तीस वर्षीय महिला गोरखपुर की रहने वाली थी और लखनऊ स्थित संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कॉंन्ट्रैक्ट पर काम करती थी। उधर बालसिंघखेड़ा गांव के प्राइमरी स्कूल में, जहां उस महिला की हत्या हुई थी, पिछले दो दिन से बच्चे नहीं जा रहे हैं क्योंकि वे बेहद डरे हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed