फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   After Modi's first year India tipped China.

चीन से पिछड़े भारत को पीएम मोदी ने क्यों बताया सबसे आगे?

Thu, 28 May 2015 04:58 PM IST
Updated Thu, 28 May 2015 04:58 PM IST
विज्ञापन
After Modi's first year India tipped China.

हाल ही मोदी सरकार ने अपने एक साल पूरे होने पर अर्थव्यवस्था की दृष्टि से चीन से आगे निकलने का ऐलान किया। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने देश को उभरती अर्थव्यवस्था करार देते हुए चीन को पीछे छोड़ने की बात कही। लेकिन क्या वाकई प्रधानमंत्री मोदी ने जो ऐलान किया वैसा सच में है।

विज्ञापन


जिस समय ये आंकड़े सामने आए तो ये संभावना जताई जा रही थी कि भारत लगातार दूसरी तिमाही में चीन से भी तेज उभरती अर्थव्यवस्था होगा। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी अपने पहले साल को इसी अंदाज में भुना रहे कि लगातार भारत सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्था बन रहा है।
विज्ञापन


लेकिन अगर आंकड़ें देखें तो इस साल के शुरू में सकल घरेलू उत्पाद की गणना का जो तरीका अपनाया गया उससे ही इस दावे पर सवाल खड़े हो गए।

आंकड़ों से उठे सवाल

After Modi's first year India tipped China.

कैपिटल इकोनॉमिक्स के अर्थशास्त्री शीलन शाह ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था उतनी मजबूत नहीं है जितना की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी से खुलासा हो रहा है। ये आंकड़ें बताते हैं कि सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अपनी नीतियों के बारे में फिर से विचार करना होगा।

इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक कमजोर औद्योगिक गतिविधि, कंपनी की आय पर असर और बैंक ऋण की रिकवरी से इस पर असर पड़ा है। रॉयटर्स के एक सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने जनवरी से मार्च के बीच जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी दिखाया। लेकिन अगले तिमाही में ये ग्रोथ 7.5 फीसदी पर पहुंच सकी।

2014/15 के मार्च में खत्म हुए सत्र में ग्रोथ 7.4 पहुंचने के उम्मीद है। जो कि 2013/14 के 6.9 से ज्यादा है। ऐसे में जो आंकड़ें नजर आ रहे हैं उस पर गौर करें तो लगातार अर्थव्यवस्था की हालत सुधरती नहीं दिख रही है। दो साल लगातार उछाल के बाद ग्रोथ 5 फीसदी रहने के बाद अब इस तिमाही में इसके नीचे जाने की संभावना है।

रिजर्व बैंक ने संभाला मोर्चा

After Modi's first year India tipped China.

इसमें सुधार के लिए जरूरी है कि केंद्रीय बैंक कोई कदम उठाए और अर्थव्यवस्था के जानकार भी नीतियों में बदलाव की ही आशा कर रहे हैं। लगातार कॉरपोरेट सेल्स और औद्योगिक उत्पादन में गिरावट जारी है।

लगातार पांच महीने माल के निर्यात का गिरावट जारी है। सीमेंट हो या फिर स्टील सभी कमजोर स्थिति में हैं। बैंक क्रेडिट की ग्रोथ मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष के दो दशकों में सबसे धीमी थी।

इसके साथ ही भारत के सांख्यिकी जानकारों ने वैश्विक स्थिति के मद्देनजर जीडीपी गणना का तरीका बदला है। इसके साथ ही सरकार के पक्ष और विपक्ष सभी के आंकड़ों से एक विशेष डाटा बनाया गया। इस सबके बीच रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी है कि ग्रोथ के हालात बदल रहे हैं। अर्थव्यवस्था नया आकार ले रही है और जल्द ही 'अच्छे दिन भी आ रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed