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मोदी के बाद केजरीवाल बने कांग्रेस के लिए नया सिरदर्द

Sun, 29 Dec 2013 08:17 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 29 Dec 2013 08:17 AM IST
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After modi kejriwal now challenge for congress

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार भले ही कांग्रेस के दम पर बनी हो मगर पार्टी के अंदर यह बात घर कर गई है कि आप से सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को ही हो रहा है। 

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी शनिवार को स्वीकार किया कि पार्टी के आगे बड़ी चुनौतियां हैं, जिससे सबको मिलकर निपटना होगा। भ्रष्टाचार को लेकर अब केंद्र ही नहीं कांग्रेस शासित राज्य सरकारों पर भी कीचड़ उछल रहा है।

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आदर्श घोटाले को लेकर सोनिया ने सफाई दी कि यह मुद्दा जल्द सुलझा लिया जाएगा। पार्टी के अंदर राय बन रही है कि अब पार्टी को दोहरी मुश्किल का सामना करना है।
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एक तरफ नरेंद्र मोदी पार्टी को महंगाई और भ्रष्टाचार पर आड़े हाथों ले रहे हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली के नवनियुक्त मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कांग्रेसी नेताओं को जेल में डालने की बात कर रहे हैं।

कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि दिल्ली से संदेश पूरे देश में जाता है। ऐसे में पार्टी के खिलाफ गया यह संदेश 2014 का जनादेश न बन जाए। इसके लिए पार्टी के अंदर डर बना हुआ है।

अभी तक 2014 में मोदी को ही कांग्रेस सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर देख रही थी। मगर जिस तरह से केजरीवाल की आप ने कदम बढ़ाए है, उसे देखकर कांग्रेस के अंदर चिंता बढ़ गई है।

ऊपर से आप ने लोकसभा की लगभग 300 से ज्यादा सीटों पर लड़ने का ऐलान कर दिया है। इससे पार्टी को नुकसान होने का डर सता रहा है।

हालांकि इसका नुकसान सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं बल्कि भाजपा और उसके पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को भी होने की बात है। मगर पार्टी के नेता कहते है कि भाजपा से ज्यादा कांग्रेस को नुकसान होने की संभावना है।

पार्टी के नेता उदाहरण देते है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे ही नहीं बल्कि दिल्ली में आप को समर्थन देने से कांग्रेस अब आने वाले दिनों में भी तीसरे नंबर पर लुढ़क गई है।


अब सीधी लड़ाई में आप और भाजपा आ गए है। यही हालत रही तो कांग्रेस दस साल के लिए दिल्ली की राजनीति से दूर हो सकती है। पार्टी के नेता कह रहे है कि अगर यही दृश्य पूरे देश में भी हुआ तो इससे ज्यादा नुकसान भाजपा को नहीं बल्कि कांग्रेस को होगा।

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