'मोदी मूंछ के बाल हैं, राहुल पूंछ के बाल'
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लोकसभा चुनाव का एक-एक दिन करीब आ रहा है और नेता एक-दूसरे पर हमला बोलते हुए मर्यादा या संयम का लिहाज भूलते जा रहे हैं। केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को 'नपुंसक' करार दिया, तो बवाल हो गया।
इस बात पर बिगड़ी भाजपा ने कहा कि कांग्रेसी नेता हार की घबराहट में शब्दों का चयन भूल गए हैं और तमीज-तहजीब से परे की भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, सलमान खुर्शीद ने माफी मांगने से इनकार कर दिया और अपने बयान पर कायम रहे।
लेकिन शाम होते-होते इस बार भाजपा की तरफ से आपत्तिजनक बयान आया और निशाना बनाया गया कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को। सवेरे तक मर्यादा का उलाहना दे रही भाजपा शाम में खुद भूल गई कि राजनीतिक हमलों में भी कुछ तहजीब बचाकर रखी जाती है।
'जो मंत्री नहीं बना, पीएम क्या बनेगा?'
बुधवार को एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा कि उनके और मोदी के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती।
शिवराज ने कहा, "कहां नरेंद्र मोदी और कहां राहुल गांधी? कोई तुलना नहीं है। हमारे यहां कहावत है कि कहां मूंछ का बाल और कहां पूंछ का बाल। जिसमें केंद्र में मंत्री बनने का साहस नहीं, वो प्रधानमंत्री क्या बनेगा?"
जब शिवराज यह बयान दे रहे थे, तो मोदी उसी मंच पर मौजूद थे। वही मोदी, जिन पर सलमान की अभद्र टिप्पणी पर भाजपा ने दिन भर हमला बोला और तमीज न होने की बात कही।
शिवराज ने किया हमला
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी देश के अगले पीएम बनेंगे। उन्होंने वादा किया कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र से भाजपा को सभी आठ सीट मिलेंगी। 2009 लोकसभा चुनावों में वह छह सीट जीतने में कामयाब रही थी।
दूसरी ओर मोदी ने विकास के एजेंडा पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए ने पावर सेक्टर में कुप्रबंधन दिखाया है और देश को अंधकार में धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि भगवा का मतलब सौर ऊर्जा यानी सूर्य है और देश को बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए इसी क्रांति की जरूरत है।
मोदी ने सरकार को कोसा
नरेंद्र मोदी ने कहा, "देश का पूर्वी छोर हाइड्रोइलेक्ट्रिक संभावनाओं से भरा है, जबकि पश्चिमी तट में पवन ऊर्जा के लिए काफी गुंजाइश है। गुजरात और राजस्थान के मैदानी इलाकों में सौर ऊर्जा की भरमार है।"
उन्होंने कहा, "अगर इन सभी प्राकृतिक संसाधनों का पूरी तरह फायदा उठाया जाए, तो देश बिजली का बड़ा उत्पादक बन सकता है। लेकिन बदकिस्मती से दिल्ली में बैठे लोग सिर्फ चुनावी फायदों के बारे में सोचते हैं।"
जाहिर है, इस कार्यक्रम में शिवराज ने मोदी की तारीफ का कोई मौका नहीं चूका और मोदी ने यूपीए पर हमला बोलने के लिए विकास के तीर चुने। चुनावी राजनीति गर्म हो रही, तो हमले भी तेज हो रहे हैं।
नीतियों में खामियां?
भाजपा के पीएम पद के दावेदार मोदी ने कहा कि भारत केंद्र में कांग्रेस सरकार की खामियों से भरी नीतियों के चलते ऊर्जा की सीढ़ी में नीचे आता जा रहा है। देश का ज्यादातर हिस्सा अंधेरे में है।
उन्होंने कहा कि सरकार की पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं, कोयले की कमी और नीतिगत खामियों के चलते वह 20 हजार मेगावॉट बिजली पैदा करने में नाकाम साबित हो रहा है।
मोदी ने कहा, "रुपया डॉलर की तुलना में ऐतिहासिक गिरावट देख चुका है, मौजूदा चालू खाता घाटा चौंकाने वाले स्तर पर है और आयात बढ़ने की वजह से निर्यात में गिरावट आ रही है। देश में कोयला भंडार है, लेकिन केंद्र उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहता।"