{"_id":"169bb1577ac708819023b5982de5cb77","slug":"after-devyani-issue-india-wants-better-relation-with-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवयानी केस: तल्खी के बाद, नरम पड़े खुर्शीद के तेवर","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
देवयानी केस: तल्खी के बाद, नरम पड़े खुर्शीद के तेवर
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी नई दिल्ली, वाशिंगटन
Updated Sat, 21 Dec 2013 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी से भारत और अमेरिका के बीच उपजे विवाद को सुलझाने की कोशिशें शनिवार को भी जारी रहीं।
इस मुद्दे पर कोई रास्ता निकालने के लिए जारी बातचीत के बीच दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है और माना है कि इस एक घटना का असर संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने शनिवार को मामले में रुख कुछ नरम करते हुए कहा कि अमेरिका को रिश्तों के महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को सुलझाने के विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।
इस बीच अमेरिका ने कहा है कि देवयानी को पिछली तिथि से राजनयिक विशेषाधिकार नहीं दिए जा सकते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि महावाणिज्य दूतावास से यूएन मिशन में भेज कर भले ही देवयानी को अब पूर्ण राजनयिक विशेषाधिकार दे दिए गए हों, लेकिन यह पिछली तिथि से लागू नहीं होंगे।
विज्ञापन
इसलिए उन पर वीजा धोखाधड़ी का मामला चलता रहेगा। हालांकि दोनों देशों के संबंधों को बेहद अहम बताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी जल्द ही इस मसले पर खुर्शीद से बात कर सकते हैं।
खुर्शीद ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंध हैं जो कई वर्षों में बने हैं और दोनों ही नहीं चाहते कि इस एक घटना से इन संबंधों को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत की ओर से अमेरिका से यह मांग करना गैरवाजिब है कि उसके राजनयिकों को वहां गरिमा के साथ काम करने की अनुमति दी जाए।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसे देवयानी के उसके यहां भेजने की भारत से आधिकारिक सूचना मिल गई है। वह अब इस संबंध में प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
इस मुद्दे पर कोई रास्ता निकालने के लिए जारी बातचीत के बीच दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है और माना है कि इस एक घटना का असर संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने शनिवार को मामले में रुख कुछ नरम करते हुए कहा कि अमेरिका को रिश्तों के महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को सुलझाने के विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।
विज्ञापन
इस बीच अमेरिका ने कहा है कि देवयानी को पिछली तिथि से राजनयिक विशेषाधिकार नहीं दिए जा सकते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि महावाणिज्य दूतावास से यूएन मिशन में भेज कर भले ही देवयानी को अब पूर्ण राजनयिक विशेषाधिकार दे दिए गए हों, लेकिन यह पिछली तिथि से लागू नहीं होंगे।
विज्ञापन
इसलिए उन पर वीजा धोखाधड़ी का मामला चलता रहेगा। हालांकि दोनों देशों के संबंधों को बेहद अहम बताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी जल्द ही इस मसले पर खुर्शीद से बात कर सकते हैं।
खुर्शीद ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंध हैं जो कई वर्षों में बने हैं और दोनों ही नहीं चाहते कि इस एक घटना से इन संबंधों को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत की ओर से अमेरिका से यह मांग करना गैरवाजिब है कि उसके राजनयिकों को वहां गरिमा के साथ काम करने की अनुमति दी जाए।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसे देवयानी के उसके यहां भेजने की भारत से आधिकारिक सूचना मिल गई है। वह अब इस संबंध में प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।