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अब रात की नौकरी नहीं करना चाहती महिलाएं

Sat, 05 Jan 2013 10:22 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 05 Jan 2013 10:22 AM IST
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after delhi gang rape women employees scared to night shifts

दिल्ली में चलती बस में छात्रा के साथ हुई गैंग रेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हर तरफ बलात्कारियों को सख्त सजा देने के लिए मांग उठ रही है। शहरों से लेकर गांव-गांव में प्रदर्शन और नारे लग रहे हैं।

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इस घटना से जहां लोग गुस्से में हैं वहीं महिलाओं में डर भी समा रहा है। एसोचैम के सर्वेक्षण के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं और विदेशी कंपनियों के लिए काम करने वाली बीपीओ इकाइयों में पिछले एक पखवाड़े में महिलाएं शाम को या तो काम छोड़कर जल्दी घर निकलने लगीं है या फिर कुछ ने नौकरी ही छोड़ दी है।
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इस घटना ने कामकाजी महिलाओं की जीवनशैली और अपनी सुरक्षा के प्रति उनकी सोच पर गहरा असर डाला है। एसोचैम की सोशल डवपलमेंट फाउंडेशन ने इसे समझने के लिए एनसीआर, चेन्नई, बेंगलूरू, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद और देहरादून की 2500 कामकाजी महिलाओं पर एक सर्वे करवाया।
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दिल्ली-एनसीआर में ज्यादा डर
सर्वे के अनुसार हर तीसरी महिला के काम करने के समय में कमी आई है। विशेष तौर से देर रात तक काम करने वाले समूह में यह बदलाव देखा गया है। 82 प्रतिशत महिलाएं सूरज ढलने के बाद काम नहीं करना चाहतीं। हालांकि, दिल्ली और एनसीआर के अलावा बाकी शहरों की कामकाजी महिलाओं ने खुद को ज्यादा सुरक्षित बताया है।

महिलाओं ने छेड़छाड़ की बात स्वीकारी
देर रात काम नहीं करना चाहने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा चिंता सुरक्षित यातायात साधनों की है। सर्वे के अनुसार बसों में छेड़छाड़ होने की बात 2500 महिलाओं ने स्वीकारी है, लेकिन किसी ने भी इस बारे में आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। इससे समझा जा सकता है कि महिलाओं के प्रति अपराध के जो आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से जारी किए जाते हैं, हकीकत में अपराध उससे कई गुना अधिक होते हैं।


ऑफिस से समूह में लौटें महिलाएं
सर्वे में महिला कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा देने पर जोर दिया गया है। इसके अनुसार रात को ऑफिस से काम पूरा करने के बाद लड़कियों और महिलाओं को समूह में लौटने को कहा गया है। कैब में महिला कर्मचारियों को सबसे पहले लेने और सबसे आखिरी में छोड़ने से मना किया गया है। इसके अलावा कैब में जीपीएस लगवाने, 24 घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन देने और एक एसएमएस पर सुरक्षा-सहायता उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है।

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