अब चेहरा सुधारने में जुटी मोदी सरकार
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दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की बड़ी जीत के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की छवि को लेकर सतर्क हो गए है। लिहाजा, हार के एक दिन बाद ही सरकार के प्रचार तंत्र सूचना और प्रसारण मंत्रालय को जनता की नब्ज टटोलने के लिए आंतरिक आकलन के सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के शीर्ष स्तर से मंत्रालय को दो टूक कहा गया है कि सरकार की छवि निर्माण के प्रबंधक के तौर पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन पर है। इसलिए लोगों की सरकार को लेकर राय को उच्च स्तर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी उस पर है।
दिलचस्प बात यह है कि जनता की सोच से लेकर मीडिया में बन रही सरकार की छवि को लेकर भी सरकार बेहद सतर्क दिख रही है और इसके लिए मंत्रालय को नियमित तौर पर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय इस प्रणाली को मूर्त रूप देने को लेकर बेहद गंभीर है।
मीडिया में बिगड़ती छवि पर भी जताई चिंता
जनता की धारणा को सकारात्मक बनाने के सिस्टम को हर रोज 24 घंटे तैयार रखने की योजना बनाई जा रही है। हर मंत्रालय में सूचना, प्रचार और प्रसार के लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाने की प्रणाली को जल्द से जल्द बनाने की बात है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय को इस काम के लिए सभी मंत्रालयों से तालमेल बैठाने को कहा है। यह योजना पहले भी बनाई गई थी। मगर अभी तक हर मंत्रालय में पूरी तरह से बन नहीं पाई है।
इस योजना के मुताबिक हर मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी नियुक्त करना है, जो कि सूचना अधिकारियों को मीडिया पर सरकार को लेकर आने वाली हर खबर और रिपोर्ट पर सरकार के स्टैंड को बताने के लिए तैयार हो।
सरकार को लेकर कुछ नकारात्मक रिपोर्ट जा रही हो तो उसमें सरकार का पक्ष भी जरूर रखा जाए ताकि जनता तक सरकार की बात भी पहुंचे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार को लेकर नकारात्मक रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के बजाय अब उस समस्या को दूर करने की कोशिश की जाएगी।