फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   After crossing border by terrorists met AK-47, Kartur, grenade and launcher

खुलासा: आतंकियों को भारत में ही मिले थे एके-47 और ग्रेनेड लांचर

Fri, 15 Jan 2016 01:43 PM IST
Updated Fri, 15 Jan 2016 01:43 PM IST
विज्ञापन
After crossing  border by terrorists met AK-47, Kartur, grenade and launcher

पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों को भारतीय सीमा के भीतर आने के बाद हथियार और हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए गए थे। इस हमले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को इसके ठोस संकेत मिल रहे हैं।

विज्ञापन


यह आईएसआई नेटवर्क और ड्रक तस्करों की और गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। आतंकियों के सीमा पार करने की जगह और साजिश में ड्रग तस्करों की संभावित भूमिका की पड़ताल में लगी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का भी मानना है कि आतंकवादियों ने इतने भारी वजन के असलहे और हथियार के साथ सीमा पार करने का जोखिम नहीं उठाया होगा।
विज्ञापन


अब तक की जांच के मुताबिक आतंकियों के पास चार एके-47, एक अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, 29 एके-47 मैग्जीन, तीन पिस्तौल और उसके सात मैग्जीन, 7.32 बोर की 559 गोलियां, पिस्तौल की 47 गोलियां, एक दूरबीन और एक वायरलेस सेट थे। इसके अलावा इनके पास 21 हैंड ग्रेनेड थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सौ किलो के आसपास हथियारों का वजन

After crossing  border by terrorists met AK-47, Kartur, grenade and launcher

एजेंसी को यह भी शक है कि आतंकी सीमा पार करते समय आम कपड़े में थे और भारत में प्रवेश करने के बाद सेना की वर्दी पहनी थी। सूत्रों के मुताबिक इन हथियारों का वजन सौ किलो के आसपास होगा।

हालांकि, इस जांच की आधिकारिक तौर पर जानकारी देने वाले गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग के मुताबिक एजेंसी को अब तक इस बात की पक्की जानकारी नहीं है कि आतंकवादी हथियार साथ लेकर आए थे या नहीं।

लेकिन सूत्रों ने बताया कि आतंकियों के पास जितने हथियार और गोला बारूद थे उसे इतनी दूर साथ लेकर सीमा पार करना संभव नहीं है।

सभी पहलुओं की हो रही है सघन जांच

After crossing  border by terrorists met AK-47, Kartur, grenade and launcher

सूत्रों ने बताया कि सीमा पार से भीतर हथियार मुहैया कराने के लिए उसी ड्रग तस्कर के नेटवर्क का इस्तेमाल होने की आशंका है।

इन सभी पहलुओं की सघन जांच की जा रही है। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में तस्कर नेटवर्क और व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का आईएसआई भरपूर इस्तेमाल करता है।

कई अन्य आतंकी हमलों में भी सीमा के भीतर हथियार मुहैया कराने की घटना हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed