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विवादित बयान के बाद अब बैकफुट पर शरद यादव

Mon, 07 Jan 2013 08:46 PM IST
Updated Mon, 07 Jan 2013 08:46 PM IST
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after controversial statements sharad yadav on back foot

पिछले कुछ दिनों से बिना सिर पैर के बयान देने वालों में अब जेडी(यू) नेता शरद यादव का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कह डाला कि सेक्स की इच्छा स्वाभाविक है जबकि ब्रह्मचर्य पाखंड है। एनडीए के संयोजक शरद यादव ने कहा कि किसी भी नौजवान को नियमित अंतराल पर एक बार इसकी जरूरत पड़ती है। अपने इस विवादित बयान पर हालांकि बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत परिप्रेक्ष्य में देखा गया।

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सफाई देते हुए शरद यादव ने कहा, ‘मैंने कहा था कि हवा और पानी की तरह शरीर की अपनी भी कुछ जरूरतें है। मैंने यह गैंगरेप के संदर्भ में नहीं कहा था। वह एक अमानवीय घटना थी। मैं ऐसा भला कैसे कह सकता हूं ?’ यादव ने कहा कि वह एक चर्चा में भाग ले रहे थे और इस बयान को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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इसके अलावा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को ‘हल्का’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की सोच को दर्शाते हैं। हालांकि यादव ने कहा कि वह इस बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही टिप्पणी करेंगे। भागवत ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अपने पति की सेवा करने के लिए महिला अनुबंध के तहत बाध्य हैं। यादव ने कहा कि इन दिनों कई तरह की बयान सामने आ रहे हैं, यह व्यक्ति की सोच और विचारधारा को दर्शाते हैं।
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महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर कानून बनाने के लिए जल्द ही जेडी (यू) जस्टिस जेएस वर्मा कमेटी को अपनी सलाह देगी। उन्होंने कहा कि मैं इस संबंध में अपने विचार रखूंगा। मेरा मजबूती से मानना है कि समाज में फैली जाति प्रथा के कारण महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं। जब भी कभी हम महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध से निबटने के लिए कानून बनाने की बात करते हैं, तो हमें भ्रष्टाचार और जाति प्रथा जैसे मुद्दों को उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। हमें समाज में फैले सभी मुद्दों को चर्चा में शामिल करना चाहिए।

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