फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   after chicken curry success kerala prisoners to make cakes

चिकन करी की सफलता के बाद केरल के कैदी बनाएंगे केक

Thu, 14 Feb 2013 08:29 PM IST
तिरुवनंतपुरम/एजेंसी
तिरुवनंतपुरम/एजेंसी Updated Thu, 14 Feb 2013 08:29 PM IST
विज्ञापन
after chicken curry success kerala prisoners to make cakes

केरल के बाजारों में चपाती-चिकन करी की सफलता के झंडे गाड़ने के बाद राज्य की जेलें अब नए उत्पादों को उतारने की तैयारी में हैं। ये हैं स्वादिष्ट केक, पापड़ और जूते-चप्पल, जो आम आदमी को बाजारों में सस्ते दामों में मुहैया कराई जाएंगी। बेहद कम लागत से जेल में शुरू किए गए चपाती-चिकन करी ने काफी कम दिनों में ही राज्य के बाजारों में अपनी पकड़ बना ली।

विज्ञापन


जेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, चिकन करी से साल के पहले नौ महीनों में ही शानदार 6.75 करोड़ रुपये की कमाई की गई, जिसके मार्च के अंत तक 10 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। जेल के एडीजीपी अलेक्जेंडर जैकब के अनुसार, ‘हमें कमाई से ज्यादा इस बात की संतुष्टि है कि हम गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता खाना मुहैया करा रहे हैं और अपने कैदियों को सार्थक ढंग से व्यस्त रख पा रहे हैं।’
विज्ञापन


जैकब ने बताया कि हर रोज हमारे कैदी औसतन 1.12 लाख रोटी और हजारों पैकेट चिकन-करी के बनाते हैं। कैदियों को भी इस काम से रोजाना 117 रुपये के हिसाब से कमाई हो जाती है, जिसे वह बाद में अपने घरों को भेज पाते हैं। उन्होंने कहा कि हम महज 10 फीसदी के फायदे पर लोगों को गुणवत्तापरक खाना मुहैया कराते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य की छह जेलें इस समय इस काम में लगी हैं। जहां होटलों में यह चिकन करी 70 से 90 रुपये में उपलब्ध हैं और एक चपाती की कीमत सात या आठ रुपये है, वहीं जेल में बनी यह चपाती-चिकन करी महज 30 रुपये में ही लोगों को मुहैया कराई जा रही है।

जैकब ने बताया कि हमारे मुख्य उपभोक्ता हैं अस्पताल, ओल्ड एज होम्स, अनाथालय और झुग्गी-झोपड़ी, जिन्हें यह सस्ता खाना मुहैया कराया जा रहा है। अब तो इन जेलों में इडली-सांभर भी बनाए जा रहे हैं, जो आम दक्षिण भारतीय लोगों के लिए यह सुबह का नाश्ता है।


इसके अलावा, जल्द ही यहां की बनी हुई चिकन चिली और मसालेदार बिरयानी को भी बाजार में लाने की व्यापक तैयारी चल रही है। अपने उत्पादों की सफलता के बाद जेल प्रशासन जल्द ही सस्ते दामों पर केक, पापड़ और जूते-चप्पल भी बाजारों में उतारने की योजना बना रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed