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ठाणे में 'छोटा पाकिस्तान' के बाद अब 'बांग्लादेश'

Tue, 15 Jan 2013 07:49 PM IST
ठाणे/एजेंसी
ठाणे/एजेंसी Updated Tue, 15 Jan 2013 07:49 PM IST
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after 'Chhota Pakistan' now 'Bangladesh' in Thane

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बिजली के बिलों में नालासोपारा स्लम कॉलोनी को ‘छोटा पाकिस्तान’ बताए जाने के बाद अब ‘बांग्लादेश झोपड़पट्टी’ नामक जगह सामने आई है। दरअसल मीरा-भयंदर में गांधीनगर इलाके के निवासी को जारी किए जन्म प्रमाणपत्र में इलाके को यह नाम दिया गया है।

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यह स्लम बस्ती भयंदर पश्चिम में हैं। यहां पर ग्रामीण महाराष्ट्र से आए 700 लोगों के घर हैं। यह इलाका मीरा-भयंदर म्यूनिसिपल कारपोरेशन (एमबीएमसी) के तहत आता है। इसके अलावा आसपास के उतान और चौक गांवों में भी दो इलाके बांग्लादेश के नाम से जाने जाते हैं।
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सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्लम इलाकों में एक भी बांग्लादेशी नहीं रहता है। अमरावती, यवतमाल, नांदेड और अन्य अंदरूनी इलाकों के 2000 महाराष्ट्रियन ने यहां पर कब्जा कर रखा है। इन सभी के पास फोटो और पते के प्रमाणपत्र भी हैं। यहां पर रहने वाले लोगों को जगह को बांग्लादेश कहे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम कि यह नाम कैसे पड़ा।
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इसी तरह से मुंब्रा टाउनशिप इलाके में दक्षिणी पड़ोसी देश श्रीलंका के नाम पर भी एक जगह है, जिसे लंका कॉलोनी कहा जाता है। पूर्व कारपोरेटर मिलन म्हात्रे के मुताबिक, ये नाम पिछले चार दशक से अस्तित्व में हैं लेकिन इनको लेकर कभी विवाद या हड़कंप नहीं मचा। उन्होंने कहा कि शायद ये नाम बांग्लादेश युद्ध में विजय के चलते किए गए होंगे और तब से ये प्रचलन में हैं।

मीरा-भयंदर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लियो कोलाको का कहना है कि किसी भी इलाके का कोई भी नाम रखने में कोई गलत बात नहीं है। इसे मामले पर शोर मचाने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि इससे कभी कोई समस्या नहीं हुई है।


स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन्म प्रमाणपत्र जारी करने पर पूछे जाने पर एमबीएमसी डिप्टी कमिश्नर संबाजी पनपत्ते ने कहा कि हम इसको देखेंगे और यदि जरूरत पड़ी तो कार्रवाई करेंगे। हालांकि किसी भी व्यक्ति ने पते में बदलाव की मांग नहीं की है।

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