72 घंटे बाद भी मलबे में जिंदा, मांगी चप्पल
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चेन्नई में 12 मंजिला इमारत गिरने के 72 घंटे बाद एक शख्स को जिंदा निकाला गया। ये किसी चमत्कार से कम नहीं था।
घटना सोमवार सुबह 9 बजे की है। जब एनडीआरएफ की टीम को पता चला कि मलबे में कोई जिंदा शख्स भी है।
राहत में जुटी टीम को इसका पता उनके खोजी कुत्ते रुस्तम ने दिया। जिसने मलबे में एक जगह रुक कर लगातार भौंकना शुरू कर दिया।
एनडीआरएफ की टीम को बड़ी कामयाबी
जिससे रेस्क्यू टीम को वहां किसी के जिंदा होने का शक हुआ। उन्होंने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए बड़ी ही सावधानी से उसे निकालने की कवायद शुरू की।
लाइफ डिटेक्टर, कटर और कैमरे के सहयोग से राहतकर्मियों ने किसी तरह से उस शख्स को बचाने की मुहिम चलाई।
दिन भर की मशक्कत के बाद आखिर उन्हें सफलता मिल ही गई और पीली टी-शर्ट पहने उस शख्स को निकालने में आखिर वो सफल रहे।
जब युवक ने मांगी अपनी चप्पल
इसके बाद जो हुआ उसे सुन कर आपको हैरानी होगी कि जैसे ही उस शख्स को मलबे से बाहर निकाला गया तो उसने राहतकर्मियों से पहला सवाल यही किया कि आखिर उसकी चप्पल कहां है?
इस पर वहां मौजूद एनडीआरएफ कमांडेंट एमके वर्मा ने उससे कहा, "उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है, वो उसे नई चप्पल दिला देंगे।"
निकाले गए शख्स की पहचान विकास कुमार (29) के रूप में हुई है। जो उड़ीसा का रहने वाला है। इस बीच किसी ने उसे पानी पीने के लिए दिया। जिसे उसने पिया और अपने चेहरे पर भी डाला।
हादसे में अब तक 40 से ज्यादा की मौत
इधर विकास के जिंदा निकलने रेस्क्यू टीम का मनोबल काफी बढ़ गया। वो इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।
बता दें कि चेन्नई के पोरूर इलाके में गिरी इस 12 मंजिला इमारत में दबकर अब तक 40 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
हाल ये है कि हादसे के चार दिन बाद भी मलबा हटाने का काम जारी है। इस बीच विकास का इस हादसे में बचना वाकई चौंकाने वाली घटना है।