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'42 साल की सेवा के बाद बर्खास्त सुनना अच्छा नहीं लगता'
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Mon, 02 Feb 2015 10:44 PM IST
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42 साल देश की सेवा करने के बाद एकाएक पद से हटाया जाने को लेकर पूर्व डीआरडीओ अध्यक्ष अविनाश चंदर ने अपना दुख व्यक्त किया है। एक निजी चैनल को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि इतनी लंबी सेवा देने के बाद बर्खास्त शब्द सुनना अच्छा नहीं लगता।
उन्होंने कहा कि बर्खास्त करने के बजाए इस मामले को सरकार बेहतर तरीके से संभाल सकती थी। 31 जनवरी को पद से हटने वाले चंदर ने कहा उन्हें पिछले महीने मीडिया के जरिए सरकार द्वारा उन्हें डीआरडीओ अध्यक्ष पद से हटाए जाने वाले फैसले की जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य हुआ। यह बिलकुल अप्रत्याशित था, लेकिन तब मुझे लगा कि जैसे मुझे डीआरडीओ में अपनी टीम चुनने की आजादी थी वैसे ही सरकार को भी अपनी टीम चुनने की आजादी है। मैंने सरकार के फैसले को स्वीकार किया।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले को बेहतर तरीके से संभाल सकती थी। यह दोनों के लिए ही अच्छा होता क्योंकि 42 साल की सेवा के बाद बर्खास्त शब्द सुनना अच्छा नहीं लगता। गौरतलब है कि सरकार ने अविनाश को 31 जनवरी से उनके पद से हटा हटाने वाला आदेश 13 जनवरी को जारी किया था। करार के मुताबिक उनके कार्यकाल में 15 महीनों का समय अभी शेष बचा हुआ था।
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उन्होंने कहा कि बर्खास्त करने के बजाए इस मामले को सरकार बेहतर तरीके से संभाल सकती थी। 31 जनवरी को पद से हटने वाले चंदर ने कहा उन्हें पिछले महीने मीडिया के जरिए सरकार द्वारा उन्हें डीआरडीओ अध्यक्ष पद से हटाए जाने वाले फैसले की जानकारी मिली।
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उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य हुआ। यह बिलकुल अप्रत्याशित था, लेकिन तब मुझे लगा कि जैसे मुझे डीआरडीओ में अपनी टीम चुनने की आजादी थी वैसे ही सरकार को भी अपनी टीम चुनने की आजादी है। मैंने सरकार के फैसले को स्वीकार किया।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले को बेहतर तरीके से संभाल सकती थी। यह दोनों के लिए ही अच्छा होता क्योंकि 42 साल की सेवा के बाद बर्खास्त शब्द सुनना अच्छा नहीं लगता। गौरतलब है कि सरकार ने अविनाश को 31 जनवरी से उनके पद से हटा हटाने वाला आदेश 13 जनवरी को जारी किया था। करार के मुताबिक उनके कार्यकाल में 15 महीनों का समय अभी शेष बचा हुआ था।