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14 साल बाद कारगिल फिर पाक के निशाने पर

Sat, 17 Aug 2013 11:00 AM IST
जम्मू/ब्यूरो
जम्मू/ब्यूरो Updated Sat, 17 Aug 2013 11:00 AM IST
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after 14 years, pak troops violate ceasefire in kargil area

नियंत्रण रेखा (एलओसी) और भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार सीजफायर के उल्लंघन के बाद शुक्रवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर अपना निशाना कारगिल को बनाया है।

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कारगिल सेक्टर के द्रास और ककसर क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की गई। इससे भारतीय सैनिक पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।

रिपोर्ट आते ही सैन्य अधिकारियों में हलचल मच गई। कारगिल में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी पर गृह मंत्रालयस, सेना की रिपोर्ट के बाद अगला कदम उठाएगा।
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जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू और सीमा पर लगातार गोलीबारी का जायजा लेने के लिए पहुंचे केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने कहा, ‘कारगिल में गोलीबारी के संबंध में सैन्य सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही अगले कदम का फैसला लिया जाएगा।’
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पहले नहीं हुई इस तरह की घटना
किश्तवाड़ हिंसा की समीक्षा करने पहुंचे जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस गोस्वामी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना पहले नहीं हुई।

पढ़ें:- भारत साबित करे कि मैं आतंकी हूं: हाफिज सईद

दिनभर प्रशासनिक अफसरों और अन्य संगठनों के साथ बैठक करने के बाद गोस्वामी ने कहा कि गृह मंत्रालय की एक टीम जायजा लेकर लौट चुकी है। शनिवार को कुछ बैठकें होनी है। इनकी रिपोर्ट की समीक्षा मंत्रालय में होगी। उसके बाद किश्तवाड़ के प्रभावितों और रियासत को हर तरह से मदद की जाएगी।


जवाब देने से कतरा गए गोस्वामी
लंबे समय से उमर सरकार रियासत में आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) हटाने की केंद्र से मांग कर रही है। हालांकि पिछले एक माह से एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार पाकिस्तानी हमले के बाद यह मांग ठंडी पड़ती जा रही है।

पढ़ें:- सरहद पर पाक का दुस्साहस, फायरिंग में तीन जवान जख्मी

सीमा सुरक्षा बल के हेड क्वार्टर में बैठक करने और सीमा का जायजा लेकर लौटे गोस्वामी से रियासत में अफस्पा की मियाद बढ़ाने के संबंध में पूछे जाने पर जवाब देने से कतरा गए।

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