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10 साल बाद ब्रिटेन ने खत्म किया मोदी का बायकॉट
गांधीनगर/एजेंसी
Updated Mon, 22 Oct 2012 11:48 PM IST
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भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त जेम्स बेवन ने सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके साथ ही गुजरात दंगों को लेकर पिछले एक दशक से जारी मोदी का ब्रिटिश बायकॉट भी खत्म हो गया। बैठक में बेहतर आर्थिक सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई। मोदी से मुलाकात के बाद बेवन ने राज्यपाल कमला बेनीवाल और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अर्जुन मोढवाडिया से भी मिले।
वर्ष 2002 में सांप्रदायिक दंगों के चलते ब्रिटेन ने गुजरात के साथ अपने सभी संबंध तोड़ लिए थे। दंगों के दस साल बाद ब्रिटेन ने मोदी के साथ संपर्क साधा है। मोदी और बेवन के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। इसमें पर्यावरण बदलाव, निवेश समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि बैठक को सौहार्दपूर्ण शुरुआत कहा जा सकता है क्योंकि दोनों ने ही आपसी संबंधी को आगे ले जाने की इच्छा व्यक्त की।
बेवन ने कहा कि वह गुजरात और गुजराती समुदाय की क्षमताओं से भली भांति अवगत हैं और उनकी सरकार राज्य के साथ अपने संबंधों को स्थापित और बढ़ाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के साथ संबंधों को मजबूत और विकसित करने के ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के फैसले का स्वागत किया। मोदी ने राज्य में उप ब्रिटिश दूतावास कार्यालय खोलने का अनुरोध किया। साथ ही ब्रिटेन सरकार को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। यह सम्मेलन जनवरी 2013 में होना है।
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बेवन ने मोदी के साथ बैठक के बाद राज्यपाल कमला बेनीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया से भी मुलाकात की। हालांकि मोदी और बेवन के बीच मुलाकात में 2002 दंगों पर चर्चा हुई या नहीं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दंगों के दौरान भारतीय मूल के तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या के संबंध में एक मामला स्थानीय कोर्ट में चल रहा है। ब्रिटेन ने 11 अक्तूबर को 10 साल से चल रहे मोदी के बायकॉट को खत्म करने की घोषणा की थी। इस घोषणा को गुजरात चुनाव से पहले मोदी के लिए राहत माना जा रहा है।
गुजरात के विकास से प्रभावित है ब्रिटेन : भाजपा
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त जेम्स बेवन की मुलाकात पर भाजपा का कहना है कि यह मोदी का बायकॉट खत्म होना नहीं बल्कि यह कदम वाइब्रेंट और विकास की ओर अग्रसर राज्य के प्रति ब्रिटेन के अपने रुख की समीक्षा किया जाना है। वहीं कांग्रेस ने इस मुलाकात को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक है और ब्रिटेन एक संप्रभु देश है जो किसी भी मिलने का फैसला करने को स्वतंत्र है।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि यह बायकॉट खत्म होना नहीं है। मोदी चीन और जापान जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। कुछ देशों ने खास हितों के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री के खिलाफ अलग वीजा नीति अपनाई हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में ब्रिटेन का काफी निवेश है, हो सकता है इसके चलते ब्रिटेन ने अपने रुख की समीक्षा की। वहीं पार्टी सूत्रों ने स्वीकार किया कि ब्रिटेन और अमेरिका के रुख में बदलाव पार्टी में मोदी के रुतबा को बढ़ाएगा और दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के बाद उनकी राष्ट्रीय राजनीति में वापसी हो सकती है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने मोदी-बेवन की मुलाकात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि मुख्यमंत्री पद संवैधानिक है और संप्रभु राष्ट्र ब्रिटेन किसी से मुलाकात करने के लिए स्वतंत्र है। मोदी भी एक संवैधानिक पद भी हैं। ऐसे में किसी भी देश का कोई भी अधिकारी उनसे मिल सकता है।
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वर्ष 2002 में सांप्रदायिक दंगों के चलते ब्रिटेन ने गुजरात के साथ अपने सभी संबंध तोड़ लिए थे। दंगों के दस साल बाद ब्रिटेन ने मोदी के साथ संपर्क साधा है। मोदी और बेवन के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। इसमें पर्यावरण बदलाव, निवेश समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि बैठक को सौहार्दपूर्ण शुरुआत कहा जा सकता है क्योंकि दोनों ने ही आपसी संबंधी को आगे ले जाने की इच्छा व्यक्त की।
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बेवन ने कहा कि वह गुजरात और गुजराती समुदाय की क्षमताओं से भली भांति अवगत हैं और उनकी सरकार राज्य के साथ अपने संबंधों को स्थापित और बढ़ाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के साथ संबंधों को मजबूत और विकसित करने के ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के फैसले का स्वागत किया। मोदी ने राज्य में उप ब्रिटिश दूतावास कार्यालय खोलने का अनुरोध किया। साथ ही ब्रिटेन सरकार को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। यह सम्मेलन जनवरी 2013 में होना है।
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बेवन ने मोदी के साथ बैठक के बाद राज्यपाल कमला बेनीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया से भी मुलाकात की। हालांकि मोदी और बेवन के बीच मुलाकात में 2002 दंगों पर चर्चा हुई या नहीं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दंगों के दौरान भारतीय मूल के तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या के संबंध में एक मामला स्थानीय कोर्ट में चल रहा है। ब्रिटेन ने 11 अक्तूबर को 10 साल से चल रहे मोदी के बायकॉट को खत्म करने की घोषणा की थी। इस घोषणा को गुजरात चुनाव से पहले मोदी के लिए राहत माना जा रहा है।
गुजरात के विकास से प्रभावित है ब्रिटेन : भाजपा
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त जेम्स बेवन की मुलाकात पर भाजपा का कहना है कि यह मोदी का बायकॉट खत्म होना नहीं बल्कि यह कदम वाइब्रेंट और विकास की ओर अग्रसर राज्य के प्रति ब्रिटेन के अपने रुख की समीक्षा किया जाना है। वहीं कांग्रेस ने इस मुलाकात को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक है और ब्रिटेन एक संप्रभु देश है जो किसी भी मिलने का फैसला करने को स्वतंत्र है।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि यह बायकॉट खत्म होना नहीं है। मोदी चीन और जापान जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। कुछ देशों ने खास हितों के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री के खिलाफ अलग वीजा नीति अपनाई हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में ब्रिटेन का काफी निवेश है, हो सकता है इसके चलते ब्रिटेन ने अपने रुख की समीक्षा की। वहीं पार्टी सूत्रों ने स्वीकार किया कि ब्रिटेन और अमेरिका के रुख में बदलाव पार्टी में मोदी के रुतबा को बढ़ाएगा और दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के बाद उनकी राष्ट्रीय राजनीति में वापसी हो सकती है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने मोदी-बेवन की मुलाकात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि मुख्यमंत्री पद संवैधानिक है और संप्रभु राष्ट्र ब्रिटेन किसी से मुलाकात करने के लिए स्वतंत्र है। मोदी भी एक संवैधानिक पद भी हैं। ऐसे में किसी भी देश का कोई भी अधिकारी उनसे मिल सकता है।