अफगानी कैप्टन को मिले भारतीय हाथ, जानिए कैसे?
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भारतीय डॉक्टरों को बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने पहली बार किसी अफगानी नागरिक के दोनों हाथों का सफल प्रत्यर्पण किया।
करीब तीन साल पहले सुरंग बमों को निष्क्रिय करते हुए अपने दोनों हाथ गंवाने वाले अफगानिस्तान के मिलिट्री कैप्टन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह फिर पहले जैसे हाथ पा सकते हैं। उनके सपने को केरल के एक अस्पताल ने सच कर दिखाया है।
कैप्टन अब्दुल रहीम का हाल ही स्थानीय निजी अस्पताल में दोनों हाथों को प्रत्यारोपित किया गया।
दोनों हाथों का सफल प्रत्यर्पण
कैप्टन को यह हाथ सड़क दुर्घटना में पीड़ित केरल के एक 54 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति ने दान में दिए हैं। किसी अफगानी नागरिक के एक साथ दोनों हाथ प्रत्यारोपण का यह पहला मामला है।
दोनों हाथों को प्रत्यारोपित करने की सर्जरी लगभग 15 घंटे तक चली और इसमें 20 सर्जन शामिल थे।
अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. सुब्रह्मनिया अय्यर का कहना है कि रहीम के दोनों हाथों ने काफी हद तक काम करना शुरू कर दिया है और वह दैनिक गतिविधियां कर रहा है। अय्यर के अनुसार रहीम को अभी 9 से 10 महीने तक फिजियोथेरेपी के लिए केरल में ही रहना होगा।