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आडवाणी हुए मोदी की रणनीति के मुरीद
एजेंसी/दिल्ली
Updated Sun, 19 Jan 2014 05:35 PM IST
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भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आज आगाह किया कि लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर वह अति आत्मविश्वास में आने से बचे तथा पूरी सजगता और उत्साह से पार्टी को बहुमत दिलाने के अभियान में जुट जायें।
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आडवाणी ने भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन संबोधन में लोकसभा चुनावों के लिये पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रणनीति की भूरि-भूरि प्रशंसा की और माना कि देश में अब तक हुए 15 लोकसभा चुनावों में पार्टी ने इतनी चाक चौबंद तैयारी इससे पहले कभी नहीं की थी।
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उन्होंने कांग्रेस पार्टी में उपजी निराशा का जिक, करते हुये कहा कि इसका कारण हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के चुनावों में चार राज्यों में हुयी पराजय है।
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रिकॉर्ड से जीते विधानसभा चुनाव
उन्होंने कहा कि यह सही है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ में भाजपा को 80 प्रतिशत से अधिक सीटें मिलीं हैं। जबकि कांग्रेस को इन राज्यों में कुल मिलाकर 126 सीटें मिली हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में मिली जीत एक रिकॉर्ड है।
लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि 2004 में हम अति आत्मविश्वास के कारण पीछे रह गए थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि यह अति आत्मविश्वास नहीं होना चाहिए।
अल्पसंख्यकों को दिलाया भरोसा
उन्होंने अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों में भाजपा को लेकर अविश्वास पैदा किया है लेकिन वे अब इससे उबर रहे हैं।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान में मुसलमानों ने भाजपा को समर्थन दिया है।
आडवाणी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों का भला नहीं बल्कि उपयोग कियाहै। जबकि भाजपा इंसान-इंसान में भेद नहीं करती है।
उन्होंने कहा कि धर्म, जाति, भाषा के आधार पर विकास, सुशासन एवं गरीबी उन्मूलन के काम में बहुसंख्यक अल्पसंख्यक का भेद नहीं किया जाता है।