मोदी के 'घर' से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं आडवाणी
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भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात में गांधीनगर की अपनी मौजूदा सीट से फिर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। भाजपा ने अपने लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची बृहस्पतिवार को जारी कर दी थी।
आडवाणी ने कहा कि पार्टी ने जो सूची जारी की है उसमें उनका नाम नहीं है। वह गांधीनगर सतर्कता कमेटी की एक बैठक में हिस्सा लेने आए हैं। इससे साफ जाहिर है कि वह चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखते हैं। लेकिन इस बारे में पार्टी को ही आखिरी फैसला लेना है।
आडवाणी गांधीनगर लोक सभा सीट पांच बार जीत चुके हैं। वर्ष, 1991, 1998, 1999, 2004 और 2009 में उन्होंने यहां से चुनाव जीता।
तब पार्टी छोड़ने का मन बना चुके थे आडवाणी!
वर्ष 2009 में आडवाणी भाजपा के पीएम उम्मीदवार थे। उस समय आडवाणी ने यहां 1.21 लाख के विशाल मतों से चुनाव जीता था। उन्होंने कांग्रेस के सुरेश पटेल को हराया था। लेकिन 2009 से लेकर अब तक पूरा परिदृश्य बदल चुका है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा का पीएम उम्मीदवार घोषित करने के खिलाफ आडवाणी के विरोध ने उन्हें पार्टी में अलग-थलग कर दिया।
एक समय तो वह पार्टी छोड़ने का मन बना रहे थे। लेकिन उन्होंने बदले हालातों के साथ समझौता कर लिया और कई बार नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की।
सबसे सुरक्षित सीटों में से एक है गांधीनगर
गौरतलब है कि भाजपा ने बृहस्पतिवार को अपने उम्मीदवारों की जो सूची जारी की उसमें कई वरिष्ठ नेताओं के नाम नहीं हैं। हालांकि नीतिन गडकरी और गोपीनाथ मुंडे जैसे नेताओं को इसमें जगह दी गई है।
गांधीनगर सीट भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीटों में से एक है। गांधीनगर क्षेत्र में अहमदाबाद शहर भी आता है, जिसमें बड़ी तादाद में मध्यवर्गीय मतदाता भाजपा के समर्थक हैं।