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खुशखबरी: बारहवीं के बाद सीधे एमएड में दाखिला

Sat, 20 Sep 2014 12:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 20 Sep 2014 12:15 PM IST
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admission in m ed course after inter

विश्वविद्यालय और कॉलेजों में एक साल की जगह दो वर्षीय बीएड और एमएड कोर्स तो शुरू ही होने जा रहे हैं, इनके अलावा कई इंटीग्रेटेड डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी शुरू होंगे। इसके तहत छात्र-छात्रा बारहवीं के बाद अब सीधे एमएड कर सकेंगे। यह कोर्स छह साल का होगा, जिसमें स्नातक और बीएड की पढ़ाई शामिल होगी।

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आगामी पांच वर्ष में इस तरह के तकरीबन एक दर्जन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। पूरे देश के विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शुरू होने वाले इन नए पाठ्यक्रमों को शुरू कराने में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए मॉडल कोर्स बनाने की जिम्मेदारी इविवि को दी गई है।
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शिक्षा के गिरते स्तर से चिंतित मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बीएड और एमएड की पढ़ाई में व्यापक फेरबदल का निर्णय लिया है। चंडीगढ़ तथा दिल्ली में कुलपतियों, एकेडमिक स्टॉफ कॉलेजों के निदेशकों और विशेषज्ञों की अलग-अलग बैठकों में इस पर विस्तार से चर्चा हुई और वर्तमान में चल रहे कोर्स के प्रारूप में बदलाव के साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया।

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बीएड और एमएड के कई इंटीग्रेटेड कोर्स

admission in m ed course after inter

चंडीगढ़ में हुई बैठक के कन्वेनर रहे इविवि शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. पीके साहू ने बताया कि बीएड और एमएड के कई इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू होंगे। बीएड की पढ़ाई में भी तीन बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा। इसके तहत विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें चार दिन छात्र-छात्राओं को निर्धारित विषय पर स्वयं अध्ययन करना होगा। इसके बाद 10 दिन की कार्यशाला होगी। फिर इन्हें प्रोजेक्ट कार्य करना होगा। कोर्स में कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इविवि समेत देश के 13 विश्वविद्यालयों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

शुरू होंगे ये कोर्स

0 स्नातक के बाद दो वर्षीय बीएड और एमएड
0 बारहवीं के बाद चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड और बीएससी-बीएड
0 बारहवीं के बाद चार वर्षीय एलिमेंटरी (प्राथमिक शिक्षकों के लिए) इंटीग्रेटेड बीए-बीएड और बीएससी-बीएड
0 स्नातक के बाद तीन वर्षीय एमएड-बीएड
0 बारहवीं के बाद छह वर्षीय एमएड (स्नातक+बीएड)

दो साल का बीएड-एमएड अगले साल से

इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों में अगले सत्र से दो वर्षीय बीएड और एमएड कोर्स शुरू करने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार है। बस एकेडमिक काउंसिल के फैसले का इंतजार है। अभी एक वर्षीय बीएड और एमएड कोर्स चल रहा है।

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