वाराणसी: अनिष्ट की आशंका से पुलिस-प्रशासन के उड़े होश
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नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल के वाराणसी से चुनाव लड़ने से जिला प्रशासन के सामने पहले ही चुनौती कम नहीं थी और अब बाहर से आए हजारों समर्थकों के बीच रोज किसी न किसी बात को लेकर चल रही टकराहट ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
कहीं भाजपा और आप के कार्यकर्ता भिड़ जा रहे हैं तो कहीं भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के। आपसी टकराहट में अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, इसके बाद भी कहीं न कहीं, कोई न कोई घटना हो ही जा रही है।
ऐसे में रोज-रोज दिग्गज नेताओं और मंत्रियों की सभा, रोड-शो को संभालना प्रशासन के लिए चिंता का सबब बन गया है। आने वाले चार दिन तो प्रशासन के लिए नींद हराम करने वाले होंगे।
पूरी दुनिया की निगाह वाराणसी पर
वाराणसी के चुनाव पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी हैं। खुफिया एजेंसियों की मानें तो करीब 40 हजार बाहरी लोगों ने शहर में डेरा डाल रखा है। होटल, हास्टल, लॉज, धर्मशालाओं में जगह नहीं रह गई है। इन्हीं में कई संदिग्ध लोगों के घुसने की भी आशंका जताई जा रही है।
ऐसे में 10 मई को जब चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा तो उसके बाद इन लोगों को वापस भेजने के दौरान जिला प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि नौ एवं 10 मई को भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी ने कई रोड शो, सभाओं की अनुमति मांगी है।
आम आदमी पार्टी ने नौ मई को 38 एवं 10 मई को 55 रोड शो और नुक्कड़ सभाओं की अनुमति मांगी है। कई अन्य पार्टियों ने भी इसी तरह की अनुमति मांगी है।
कोई भी चूक प्रशासन के लिए भारी
यही नहीं, नौ मई को बसपा मुखिया मायावती की जनसभा, 10 मई को राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रोड शो और 11 मई को नरेंद्र मोदी के आने की संभावना है। इस दौरान कोई भी चूक प्रशासन के लिए भारी पड़ सकती है।
जिला प्रशासन को 40 कंपनी अर्धसैनिक बल, सात कंपनी आरएएफ, दस कंपनी पीएसी मिल चुकी है। बावजूद इसके पुलिस की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही।
एसएसपी जोगेन्द्र कुमरा ने बताया कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। दस मई की शाम छह बजे के बाद बाहरी लोगों को शहर से बाहर किया जाएगा। जहां तक टकराहट की बात है तो पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।