फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Administration Not awakened villagers made the road.

नहीं जागा प्रशासन, ग्रामीणों ने खुद बना दी सड़क

Tue, 21 Jul 2015 07:57 AM IST
Updated Tue, 21 Jul 2015 07:57 AM IST
विज्ञापन
Administration Not awakened villagers made the road.

मिर्जापुर सिटी विकास खंड की जिऊती ग्राम पंचायत की भटेवरा बस्ती तक आवागमन के लिए माकूल रास्ता नहीं था। ग्रामीणों को तीन किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता था।

विज्ञापन


उन्होंने रास्ता बनवाने के लिए हर उस दरवाजे पर दस्तक दी जहां सुनवाई हो सकती थी, लेकिन ग्राम प्रधान ने कह दिया बजट नहीं है और जिला प्रशासन ने भी कोई पहल नहीं की। ऐसे में ग्रामीण खुद ही उतर पड़े सड़क बनाने।
विज्ञापन


महज दो दिन के श्रमदान के बाद लगभग दो सौ ग्रामीणों ने तीन सौ मीटर लंबी और आठ फीट चौड़ी सड़क बना दी। इससे न सिर्फ ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करने से मुक्ति मिल गई बल्कि चार पहिया वाहन वाले भी आराम से आने-जाने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


गाम पंचायत जिऊती की भटेवरा बस्ती तक ऐसा रास्ता नहीं था कि लोग वाहन लेकर आ-जा सकें। ग्रामीणों को गुरसंडी गांव के रास्ते लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। कई ग्रामीण अपने चार पहिया वाहन भी लेकर गांव में नहीं जा पा रहे थे।

ग्राम प्रधान ने कहा बजट नहीं है सड़क के लिए

Administration Not awakened villagers made the road.

इस समस्या के समाधान के लिए गत दिनों ग्रामीणों ने बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि ग्राम प्रधान से मिलकर भटौली रोड से नहर तक मौजूद टूटी-फूटी कच्ची सड़क को दुरुस्त कराने की मांग करेंगे ताकि लोगों को अधिक दूरी तय न करनी पड़े। चार पहिया वाहन भी आ-जा सकें।

इस बाबत जब गांव के लोग प्रधान से मिलने पहुंचे तो उन्होंने कह दिया बजट नहीं है। ग्राम प्रधान के इंकार के बाद गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मिलकर सड़क बनवाने की मांग की लेकिन वहां से भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही एकजुट होकर सड़क दुरुस्त करने की ठान ली।

इसी क्रम में 18 जुलाई को किशोरी, उमाशंकर, महंगू, लल्लू, शंभू, विनोद, रमेश, राधे, रामआसरे, रामपूजन, शिवपूजन, पंगल, मुन्नू, पारस, मुन्ना, लाल, सधुराज, विजय कुमार, मुंशी, दूधनाथ, लखंदर, हंसलाल, नाथू, मुनीष आदि लगभग दो सौ ग्रामीणों ने खचिया-फरसा लेकर सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया। दो दिनों की कड़ी मेहनत के बाद ग्रामीणों ने लगभग तीन सौ मीटर तक मिट्टी डालकर सड़क दुरुस्त कर दी। ग्रामीणों की इस पहल की हर कोई सराहना कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed