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यूपी बोर्डः नकल माफियाओं के आगे बेबस शासन
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Sat, 08 Dec 2012 10:44 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2013 में अब 906 दागी विद्यालय भी परीक्षा केन्द्र बन सकेंगे। शासन ने आखिरकार नकल माफिया के दबाव के आगे झुकते हुए 2011 की बोर्ड परीक्षा में मनमानी करने वाले विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने का फैसला किया है। प्रदेश में बड़ी संख्या में परीक्षा केन्द्रों के डिबार कर दिए जाने से बोर्ड केन्द्रों का निर्धारण करने वाली जिलास्तरीय समिति ने अभी तक परीक्षा केन्द्रों को अंतिम रूप नहीं दिया है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2011 में अयोग्य और गैर पंजीकृत छात्र-छात्राओं के आवेदन अग्रसारित करने वाले 906 विद्यालयों को शासन ने 2012 की परीक्षा से पहले ही दागी घोषित करते हुए परीक्षा केन्द्र बनाए जाने से डिबार कर दिया था। जिला स्तरीय कमेटी की ओर से परीक्षा केन्द्र सूची को अंतिम रूप देने में हो रही देरी और प्रदेश भर के दागी विद्यालय प्रबंधन की ओर से बढ़ रहे दबाव के आगे आखिरकार झुकते हुए प्रदेश शासन ने डिबार परीक्षा केन्द्रों की बहाली की है।
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प्रदेश के सचिव माध्यमिक पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारी सहित निदेशक माध्यमिक और यूपी बोर्ड के सचिव को भेजे गए पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि बालिकाओं को स्वकेन्द्र की सुविधा देने के साथ विशेष परिस्थिति में अनर्ह एवं गैर पंजीकृत छात्र-छात्राओं के आवेदन अग्रसारित करने वाले काली सूची के 906 विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने पर विचार किया जाए।
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यूपी बोर्ड के परीक्षा सचिव उपेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के इस आदेश के बाद बोर्ड परीक्षा केन्द्रों को अंतिम रूप देने में अब तेजी आएगी। डिबार परीक्षा केंद्रों की बहाली के फेर में ही जिलास्तरीय कमेटी की ओर से देरी हो रही थी।