घर वापसी होती आई है, होती रहेगी: आदित्यनाथ
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आगरा में हुए कथित सामूहिक धर्मांतरण का मामला संसद से सड़क तक चर्चा में है। आरोप है कि कुछ मुसलमानों को धोखे सा या डराकर हिन्दू बनवाया गया है। लेकिन गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ मानते हैं कि इन लोगों ने स्वेच्छा से धर्म बदला है।
वो कहते हैं, "उन लोगों ने हिन्दू संगठनों से देवी जी की एक मूर्ति की माँग की थी। वो पूजा करना चाहते थे। उनका कहना था कि हमारे पूर्वज हिन्दू थे इसलिए हम भी हिन्दू बनना चाहते हैं।" हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया था।
'घर वापसी'
योगी कहते हैं कि जब मीडिया ने इस ख़बर तो उछाला तो मुस्लिम कट्टरपंथियों और प्रशासन ने दबाव देना शुरू कर दिया। योगी आदित्यनाथ कहते हैं, "वो लोग स्वेच्छा से हवन कर रहे थे। क्या कोई किसी को बांधकर हवन करवाता है। उस समय के उनके चेहरे के भाव और बाद में बयान देते हुए उनके चेहरे के भाव से अनुमान लगाया जा सकता है कि वो किसी भारी दबाव में ऐसे बयान दे रहे हैं।"
इस बार चर्चा क्यों?
भाजपा सांसद आदित्यानाथ का कहना है कि वो अलीगढ़ में 25 दिसंबर को होने वाले 'घर वापसी' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, "25 दिसंबर का कार्यक्रम 12-15 साल से लगातार होता आ रहा है। हर साल दो-चार हज़ार लोगों की 'घर वापसी' होती है। मैं ख़ुद दो बार 25 दिसंबर को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल हो चुका हूँ।"
इस बार चर्चा क्यों?
अगर यह कार्यक्रम सालों से होता आ रहा है तो इस बार इस पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, "विपक्ष दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए ऐसे मुद्दे के सहारे वो अपनी डूबती नैया बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
आदित्यनाथ मानते हैं कि अगर धर्मांतरण रोकना है तो इसके ख़िलाफ़ क़ानून बनाना चाहिए। वो कहते हैं कि जब अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998-99 में धर्मांतरण को रोकने के लिए क़ानून बनाने की बात कही तो विपक्ष ने इस विचार का विरोध किया था।
'मीडिया ने दिया तूल'
आदित्यनाथ ने कहा, "जब धर्मांतरण का क़ानून नहीं बन सकता तो आगरा की घटना का विरोध क्यों कर रहे हैं। अगर मुसलमान या ईसाई से हिन्दू बनना ग़लत है तो हिन्दू से मुसलमान या ईसाई बनना भी ग़लत है।"
कई राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि भाजपा इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के देखते हुए तूल दे रही है। योगी इससे इनकार करते हुए कहते हैं, "तूल हमने नहीं मीडिया ने दिया है। मैं फिर से कह रहा हूँ कि यह पहली बार नहीं हो रहा है, हर साल होता है और आगे भी हम लोगों का यह कार्यक्रम अनवरत चलेगा।