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राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित हो गीता: आदित्यनाथ

Tue, 22 Dec 2015 08:16 AM IST
Updated Tue, 22 Dec 2015 08:16 AM IST
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Adityanath demand Gita will declared National book.

महंत आदित्यनाथ ने सोमवार को संसद के शून्य पहर में गीता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए। साथ ही इसे विद्यालयीय शिक्षा तथा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम का भी हिस्सा अनिवार्य रूप से बनाया जाए।

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सांसद ने लोकसभा में कहा कि श्रीमद्भागवत गीता एक सर्वकालिक एवं सार्वभौमिक ग्रंथ है। यह किसी पंथ उपासना विधि, मत अथवा मजहब के प्रति किसी को आग्रही नहीं बनाता है।
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यह बिना किसी राग-द्वेष के निष्काम कर्म की प्रेरणा प्रदान करने तथा संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला ग्रंथ है। इस पर मनुष्य मात्र का अधिकार है। वह चाहे किसी भी वर्ण आश्रम में स्थित हो तथा किसी भी मत का अनुयायी क्यों न हो, पर उसके अंदर श्रद्धायुक्त भक्ति होनी चाहिए। यही सृष्टि के आदि वेद ग्रंथों का सार है।
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संसद में उठाया मुद्दा

Adityanath demand Gita will declared National book.

महंत आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब मानवता मजहबी, जेहादी, आतंकवाद, अलगाववाद , आतंकवाद तथा भौतिक चकाचौंध से आत्म मुग्ध होकर अनेक प्रकार के अधि-व्याधि से ग्रसित हैं, ऐसे में गीता का यह संदेश संपूर्ण मानव के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।

सांसद ने कहा कि गीता की 5151 वीं वर्षगांठ हैं। हरियाणा सरकार ने इस अवसर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया है। वहां के सरकार का यह प्रयास सराहनीय और राज्य सरकारों के लिए अनुकरणीय है।

मानव संसाधन मंत्रालय तथा सांस्कृतिक मंत्रालय इस आयोजन को स्मरणीय बना सके इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वृहद आयोजन की आवश्यकता है।

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