अदिति की आपबीती, आखिर कैसी थी पेरिस की वो रात
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जब हमारे ग्रुप ने पेरिस घूमने का मन बनाया था तब हमारे दिमाग शांत, उन्मुक्त, खूबसूरत एफिल टावर वाले फैशन की नगरी का खाका था। लेकिन वहां पहुंचते ही आतंकपीड़ित खौफजदा पेरिस की अलग ही तस्वीर नजर आई। यह कहना है पेरिस टूर पर गईं अदिति सचान का। अदिति मुरादाबाद में तैनात एसपी इंटेलिजेंस शरद सचान की बेटी हैं।
अदिति ने बताया कि 13/11 शुक्रवार को हमारा ग्रुप पेरिस पहुंचा था। सभी थके थे। अगले दिन पेरिस घूमने की प्लानिंग बनी थी। हम लोग एक होटल में ठहरे थे। इसी दौरान होटल के कर्मचारी ने आतंकवादियों के हमलों की जानकारी दी। हम चिंतित हो गए।
होटल स्टाफ ने हमें सतर्क रहने को कहा। हमारी नींद गायब हो गई। रातभर सुरक्षा एजेंसियों के वाहन होटल के सामने की सड़क से सायरन और हूटर बजाते गुजरते रहे। किसी तरह रात बीती। सुबह हम होटल से बाहर निकले। इसी बीच सुरक्षा कर्मियों के वाहन हमारे पास आए। हमें घेर लिया और उन्होंने हम लोगों से पूछताछ की। उनके सवालों के हमने सही-सही जवाब दिए।
सुरक्षा अफसरों ने पेरिस के खराब हालात की जानकारी दी। उनकी सलाह पर हम होटल में लौट गए। अगले चौबीस घंटे तक हम होटल में ही कैद रहे। इसके बाद पेरिस के हालत कुछ हद तक सामान्य हुए। लेकिन चौकसी और दहशत बरकरार थी।
13/11 की रात पेरिस पहुंचीं थीं अदिति सचान
मुरादाबाद में तैनात पुलिस अधीक्षक शरद सचान कानपुर के रहने वाले हैं। लेकिन अब वह परिवार संग देहरादून में शिफ्ट हो चुके हैं। शरद सचान की बेटी अदिति दिल्ली में इंजीनियर हैं। शुक्रवार को अदिति फ्रांस की राजधानी पेरिस घूमने गईं थीं।
ऑफिस की ओर से पूरा ग्रुप पेरिस गया था। उसी रात पेरिस में एक के बाद एक छह आतंकी हमले हुए थे। आतंकियों ने बाताकलां कंसर्ट हॉल को भी निशाना बनाया था। कंसर्ट हॉल से कुछ ही दूरी पर अदिति का होटल था। शहर में धमाकों के बीच-चीख पुकार मच गई थी।
अदिति को होटल के कर्मचारियों से हमले की जानकारी हुई थी। इसके बाद अदिति ने फोन पर अपने पिता को बताया था कि पेरिस में आतंकी हमले हुए हैं। लेकिन हम लोग सुरक्षित हैं और एक होटल में ठहरे हुए हैं। अदिति ने फोन पर बताया कि अगले दिन सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद थी। लेकिन पेरिस में मौजूद लोगों में दहशत थी। पता नहीं कहां से और कब हमला हो जाए।
अगले दिन बाहर जाने के लिए गेट पर ही पहुंचे थे तब ही पेरिस की सुरक्षा एजेंसियों के अफसर वाहन लेकर आ गए। उन्होंने बताया कि अच्छा रहेगा अभी होटल में रहो। चौबीस घंटे होटल में कैद रहे। इसके बाद अगले दिन हम बाहर आए। अदिति के पिता ने बताया कि इसके बाद बेटी डेनमार्क चली गई थी। अब वह जर्मनी में मौजूद है।
हमलों से घबरा गया था परिवार
शरद सचान ने बताया कि पेरिस में हमले की जानकारी सबसे पहले बेटी से ही मिली थी। इसके बाद पूरा परिवार घबरा गया था। बार बार बेटी से फोन पर पेरिस के हालातों की जानकारी लेते रहे। टीवी और दूसरी सोशल साइटों के जरिये पेरिस के बारे में जानकारी जुटाते रहे। बेटी पेरिस से डेनमार्क पहुंची। इसके बाद ही परिवार ने राहत की सांस ली थी।
अदिति ने बताया कि पेरिस में आतंकी हमले के बाद यूरोप के दूसरे देशों में कड़ी चौकसी है। अदिति डेनमार्क पहुंची थीं वहां भी सुरक्षा का कड़ा पहरा था। इसके अलाव जर्मनी में भी ऐसे ही हालत देखने को मिले।