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चव्हाण ने लगाई गुहार, मेरे साथ हुआ अन्याय

Tue, 07 Jan 2014 07:44 PM IST
एजेंसी/मुंबई
एजेंसी/मुंबई Updated Tue, 07 Jan 2014 07:44 PM IST
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Adarsh Housing scam Ashok Chavan writes to Maharashtra CM

आदर्श हाउसिंग घोटाले में नाम आने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मौजूदा सीएम पृथ्वीराज चव्हाण और राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि जांच आयोग की रिपोर्ट में उनके साथ न्याय नहीं किया गया है।

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साथ ही यह रिपोर्ट न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। चव्हाण ने इस बात पर गहरी आपत्ति जताई कि पहले आयोग ने उनका पक्ष सुनने का भरोसा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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सूत्रों के अनुसार अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव जेएस सहारिया को लिखे पत्र में कहा, ‘यह रिपोर्ट बहुत ही खराब है और मेरे साथ बहुत अन्याय हुआ है। मुझ पर आरोप लगाने से पहले आयोग ने मेरा पक्ष नहीं सुना। जब आयोग मेरे खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर रहा था, तो उनके संज्ञान में यह बात लाई गई थी कि जांच आयोग की धारा आठ के तहत उन्हें मेरा पक्ष सुनना चाहिए।’
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पत्र में आगे लिखा गया है, ‘संबंधित लोगों को इस बात की जानकारी थी कि यदि किसी जांच से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव होने की संभावना है तो आयोग उसे अपना पक्ष रखने और अपने बचाव में सबूत रखने का उचित मौका देगा।’

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार पत्र पर ध्यान देगी। जांच आयोग की रिपोर्ट में अभ्यारोपित कई अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा है।

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि अशोक चव्हाण ने आम नागरिकों को सदस्य बनने की इजाजत देकर आदर्श कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का पक्ष लिया, लेकिन फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) का हिसाब लगाते समय 15 प्रतिशत मनोरंजन जमीन की कटौती नहीं करने की उनकी मंजूरी को निर्दोष कृत्य नहीं कहा जा सकता।


सदस्यता की मंजूरी और उनके नजदीकी रिश्तेदारों को फ्लैटों का आवंटन इस बात का संकेत है कि यह निर्णय उसके बदले किया गया।

अशोक चव्हाण के नजदीकी सूत्रों ने कहा बताया कि आदर्श सोसाइटी के पास प्रस्तावित कैप्टन प्रकाश पेठे मार्ग की चौड़ाई घटाकर 60.97 मीटर करने के राज्य सरकार के निर्णय का उनसे कोई लेना देना नहीं है।

यह पूरी तरह से शहरी विकास विभाग से संबंधित मामला था और उसमें अशोक चव्हाण की इसमें कोई भूमिका नहीं थी जो कि उस समय राजस्व मंत्री थे।

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