राहुल से संभल नहीं रही गुटबाजी, हाईकमान के खिलाफ बगावत
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मोदी सरकार पर आक्रामक रुख अपनाने वाले राहुल गांधी प्रदेशों की गुटबाजी नहीं संभाल पा रहे हैं। असम के बाद अब पंजाब में कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ ही बगावत शुरू हो गई है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष की निर्णय क्षमता और कांग्रेस को उबारने पर सीधा सवाल उठा दिया है।
अमरिंदर सिंह ने हाईकमान को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुटबाजी खत्म करने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं ले पा रहे हैं।
असम के बाद पंजाब से भी उठे विरोध के सुर
माना जा रहा है कि हाईकमान गांधी परिवार की नजदीकी अंबिका सोनी को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपना चाहता था मगर उन्होंने इसे लेकर असहजता दिखाई।
सोनी के बाद अब लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्ठू के नाम पर चर्चा है लेकिन अमरिंदर इसे लेकर भी सहमत नहीं माने जा रहे। कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि चुनाव सिर पर है।
इसलिए हाईकमान को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस में व्यापक फेरबदल की मांग भी की है।
उन्होंने माना कि प्रदेश में अकाली दल फिर से सत्ता पाने के लिए जनता को लुभाने में जुट गया है, जबकि आम आदमी पार्टी लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है।
दूसरी तरफ रविवार को कांग्रेस की किसान सम्मान रैली में हरियाणा की गुटबाजी सबके सामने आ गई हैं। भूपिंदर सिंह हुड्डा ने हाईकमान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को हटाने का दबाव बना दिया है। वह इस कुर्सी पर अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को बैठाना चाहते हैं।
वहीं असम में कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बाद नंबर दो माने जाने वाले हेमंत विश्वास ने हाल में पार्टी छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया। राहुल भी हेमंत को नहीं मना पाए।