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पाक पर भरोसा नहीं मगर हल्की सी उम्मीद अब भी कायम

Sat, 09 Jan 2016 04:26 AM IST
Updated Sat, 09 Jan 2016 04:26 AM IST
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action by pakistan on pathankot attack

भारत को पठानकोट आतंकी हमला मामले के दोषियों के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से त्वरित कार्रवाई का भरोसा तो नहीं मगर एक हल्की सी उम्मीद जरूर है। भारत को लगता है कि बातचीत की गाड़ी को पटरी से न उतरने देने और वैश्विक दबाव से बचने के लिए पाकिस्तान प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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भारत को कार्रवाई की हल्की सी उम्मीद बृहस्पतिवार और शुक्रवार को इस हमले के संदर्भ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से बुलाई गए बैठकों से बंधी है।
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हालांकि पाकिस्तान की दोषियों के खिलाफ सांकेतिक कार्रवाई से बात नहीं बनने वाली। घरेलू राजनीति में विपक्ष के तीखे हमले की जद में आई सरकार बिना किसी ठोस कार्रवाई के विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए राजी नहीं होगी।

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भारत चाहता है ठोस कार्रवाई

action by pakistan on pathankot attack

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अतीत के हिसाब से पाकिस्तान पर कार्रवाई करने का भरोसा करना बहुत बड़ी बात होगी। हां, हल्की सी उम्मीद पाकिस्तान की ओर से की गई शुरुआती पहल से है। उक्त अधिकारी में मुंबई हमला मामले से पठानकोट हमले की तुलना करते हुए कहा कि तब पाकिस्तान ने सबूत नहीं स्वीकारे थे।

अब नवाज ने न केवल खुद फोन किया, बल्कि सबूत के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। उसके बाद नवाज ने बीते दो दिनों में शीर्ष स्तर की बैठकें बुलाईं। इस बार कार्रवाई के लिए दुनिया के ताकतवर देशों का दबाव ज्यादा है। इसके अलावा पाकिस्तान ने अब तक मुंबई हमले की तरह आनन-फानन में भारत के सबूतों को ठुकराया नहीं है।

उक्त अधिकारी के मुताबिक हो सकता है कि पाकिस्तान दुनिया को दिखाने के लिए इस मामले में संवदेनशीलता का दिखावा कर रहा हो, मगर जहां तक भारत का पक्ष है तो वह इन बैठकों और इसके बाद भावी कदमों पर निगाह रख रहा है। रुख स्पष्ट है।

विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले भारत ऐसी ठोस कार्रवाई चाहता है, जो घरेलू राजनीति में घिरी सरकार के लिए सियासी ढाल का काम करे। गौरतलब है कि भारत ने इस हमले के संदर्भ में पाकिस्तान को कई सबूत सौंप कर शीर्ष स्तर पर ठोस कार्रवाई की शर्त रख चुका है। बृहस्पतिवार को भी सरकार ने साफ कर दिया कि ठोस और फौरी कार्रवाई के बिना पाकिस्तान से बातचीत संभव नहीं है।

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