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अक्षमता सूची में आ सकते हैं एसिड अटैक पीड़ित

Tue, 08 Dec 2015 12:59 AM IST
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:59 AM IST
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acid attack suffer might in  Inability list

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से एसिड अटैक पीड़ितों को अक्षमता सूची में शामिल करने पर विचार करने के लिए कहा है, जिससे उन्हें नौकरी में आरक्षण समेत अन्य सुविधाएं मिल सके। साथ ही शीर्ष अदालत ने एसिड की बिक्री पर लगाम लगाने में अथॉरिटी के रवैये पर नाखुशी जाहिर की है।

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न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम देख रहे हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों में एसिड अटैक की घटनाएं हो रही हैं। आए दिन इस तरह की घटनाएं होने का सीधा कारण यह है कि एसिड की बिक्री और वितरण पर नियंत्रण सही तरीके से नहीं हो रहा है।
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पीठ ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि अदालती निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। लिहाजा वैसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है जो बगैर उचित लाइसेंस के एसिड की बिक्री करते हैं। साथ ही इस पर लगाम लगाने में नाकाम रहने वाले अथॉरिटी को जिम्मेदार ठहराए जाने की जरूरत है।

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इसलिए करेंगे शामिल

acid attack suffer might in  Inability list
पीठ ने कहा कि यह मसला उठाया गया था कि एसिड अटैक पीड़ितों को नौकरी मिलने में बहुत परेशानी होती है। कम ही लोगों को नौकरी मिल पाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वह एसिड अटैक पीड़ितों को अक्षमता सूची में शामिल करने पर विचार करें।


मालूम हो कि अक्षमता अधिनियम के तहत लोगों नौकरी में आरक्षण के साथ-साथ अन्य तरह की सुविधाएं मिलती हैं। अदालत ने यह आदेश बिहार सरकार को एक एसिड अटैक पीड़िता को 10 लाख रुपये का मुआवजा और मुफ्त इलाज का निर्देश जारी करते हुए दिया है। लोगों के एक समूह ने पीड़िता पर एसिड से हमला किया था।

इससे उसका 90 फीसदी चेहरा जल गया था। साथ ही शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी इसका असर पड़ा। इस हमले में पीड़िता की बहन भी घायल हो गई थी।

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