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मुंबई गैंगरेपः पोर्न फिल्में देख आरोपी ढूंढ़ते थे शिकार
मुंबई/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 02 Sep 2013 02:40 PM IST
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शक्ति मिल्स गैंगरेप मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जो बयान दिया है, उससे साफ है कि वे सभी सेक्स को लेकर दीवाने थे और हवस मिटाने के लिए शिकार तलाशा करते थे।
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दक्षिण मुंबई की इस खाली पड़ी मिल में एक फोटो पत्रकार से सामूहिक बलात्कार करने वाले आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि वे लोग मदनपुरा, बाइकुला और अग्रीपाड़ा में नियमित रूप से पोर्न फिल्में देखा करते थे। इसके अलावा रेड लाइट एरिया में उनका आना-जाना लगा रहता था।
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इस खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि किस तरह झुग्गी बस्ती इलाकों में खुले हुए गैरकानूनी पार्लन ने नाबालिगों को भी पोर्न और सी-ग्रेड फिल्मों तक पहुंच मिली हुई है।
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अधिकारी ने कहा, "विजय जाधव, कासिम बंगाली और नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया कि वे अकसर पॉर्न देखने जाया करते थे। पिछले हफ्ते जाधव वास्तव में ऐसे ही एक पार्लर के भीतर सोते हुए पाया गया था। नौजवानों को गुनाह की ओर धकेलने के पीछे इसी तरह की फिल्में काफी हद तक जिम्मेदार हैं।"
अग्रीपाड़ा में रहने वाले सलीम खान ने कहा, "अकेले मदनपुरा में करीब चार दर्जन गैर-कानूनी पार्लर हैं। इनमें से कई में हर रोज आठ से दस फिल्में चलाते हैं।"
पिछले हफ्ते पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने निर्देश दिया था कि इस तरह के ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने ऐसी ही जगह छापे मारकर 55 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।