प्रोफेसर के उत्पीड़न की शिकार छात्रा ने सुनाई आपबीती
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के उत्पीड़न की शिकार हुई छात्रा ने शुक्रवार को जांच कमेटी के सामने आपबीती सुनाई। छात्रा से जांच कमेटी ने दर्जनों सवाल किए। छात्रा ने हर सवाल का लिखित जवाब दिया।
कमेटी की अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ ने 18 मई को फिर बैठक बुलाई है। इसमें हटाए गए विभागाध्यक्ष प्रो.जयंत खोत से पूछताछ की जाएगी।
इसके बाद एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल का पक्ष जाना जाएगा। बताया जा रहा है कि कमेटी 12 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंप देगी।
शुक्रवार को कमेटी ने एक और निर्णय लिया। मामला अनुसूचित वर्ग से जुड़े होने के कारण इस वर्ग से जुड़े एक एसोसिएट प्रोफेसर आलोक प्रसाद को भी कमेटी में शामिल कर लिया गया है। अब मामले की जांच चार सदस्यीय कमेटी करेगी।
तीन सदस्यीय कमेटी ने की छात्रा से पूछताछ
इसके पूर्व अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ की अगुवाई में उच्च स्तरीय जांच कमेटी की बैठक इविवि के महिला छात्रावास स्थित महिला सलाहकार समिति (वैब) के दफ्तर में हुई। इसमें कमेटी की सदस्य प्रो.नमिता, सिस्टर शीबा जोस भी मौजूद रही।
तीन सदस्यीय कमेटी ने एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के खिलाफ शिकायत करने वाली छात्रा से घटना के संबंध में लंबी पूछताछ की। सदस्य छात्रा से सवाल करते रहे और वह उसका लिखित जवाब देती रही। छात्रा से उसका पक्ष जानने के बाद उसे जाने दिया गया।
पूछताछ के दौरान वैब दफ्तर के पास किसी के जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। सदस्यों ने भी किसी से मुलाकात नहीं की। उच्चस्तरीय जांच कमेटी से जब संगीत विभाग के विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों ने मुलाकात कर मामले में अपना पक्ष रखना चाहा तो कमेटी ने मना कर दिया।
विद्यार्थियों को महिला छात्रावास के भीतर नहीं जाने दिया गया। मीडिया को भी भीतर जाने पर रोक लगा दी गई थी। आक्रोशित विद्यार्थियो ने महिला छात्रावास के सामने ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शिक्षक संघ ने की प्रोफेसर पर हमले की निंदा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का शिक्षक संघ संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के साथ हुई घटना को उन पर हमला मान रही है।
शुक्रवार को शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसकी निंदा की गई। घटना को सुनियोजित साजिश के तहत किया गया कायराना कृत्य बताया और कहा कि मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।
इस संबंध में शिक्षक संघ की ओर से शनिवार को हिंदी विभाग में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। बैठक में संघ के महामंत्री प्रो.शिव मोहन प्रसाद, संयुक्त मंत्री सूर्य नारायण सिंह, डॉ.आरके सिंह, प्रो. उमाकांत यादव, डॉ. डीसी लाल, भूरे लाल आदि मौजूद रहे।
प्रयाग बुद्धिजीवी मंच की डॉ. आरवी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में घटना की निंदा की गई और इसे सुनियोजित षड़यंत्र बताया गया।
विश्वविद्यालय नहीं आए आरोपी प्रोफेसर
संगीत विभाग के आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय नहीं आए। उनका मोबाइल भी बंद रहा।
उत्पीड़न में विभाग के शिक्षक का नाम सामने आने से छात्र-छात्राओं के मन में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। सब आपस में ही चर्चा कर रहे थे। एक शिक्षिका ने तो यहां तक कह दिया कि ‘बड़ी मुश्किल से जंग जीती है।’
वह विभागाध्यक्ष से लेकर विभाग के कई और शिक्षकों के कामकाज पर लगातार असंतोष जताती रहीं। वहीं छात्राएं घटना के संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं हुई। हालांकि छात्रों ने शुक्रवार को भी पूरे दिन आरोपी शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोले रखा।
डीन कला संकाय प्रो. मृदुला त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने शिक्षकों के साथ बैठक कर कामकाज निपटाए और परीक्षा संबंधी निर्णय लिए। बताया, बैठक में आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर नहीं थे और न ही उन्होंने विभाग में उपस्थित न होने की कोई सूचना दी है।
प्रोफेसर को पीटने वाले छात्रों की हुई पहचान
प्रोफेसर धर्मपाल की पिटाई करने वालें छात्रों की पुलिस ने पहचान कर ली है। प्रोफेसर धर्मपाल की तहरीर पर 60 छात्रों के खिलाफ मारपीट, बदनाम करने का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
पुलिस ने थाने के सीसीटीवी कैमरे से आधा दर्जन छात्रों को चिह्नित कर लिया है। एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह का कहना है कि थाने में बवाल करने वाले छात्रों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छात्र बृहस्पतिवार को एसोसिएट प्रोफेसर को कर्नलगंज स्थित उसके घर से पीटते हुए लाए थे। आरोप था कि शिक्षक एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था।
छात्रा ने थाने पर पहुंचकर शिक्षक के खिलाफ छेड़खानी की धारा में मुकदमा दर्ज करवा दिया था लेकिन परिजनों के पहुंचने के बाद वह मुकर गई। उसने पुलिस को लिखकर दिया कि वह शिक्षक को फंसाने के लिए कौशल सिंह, दीप सिंह के कहने पर उसके घर गई थी। छात्रा के लिखित बयान देने के बाद शिक्षक को जमानत पर रिहा कर दिया गया और उसकी तहरीर पर कौशल, दीप समेत 60 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।