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Exclusive: विदेश भागे धोखाधड़ी के आरोपी, इंटरपोल की मदद लेगी पुलिस

Thu, 17 Sep 2015 09:00 AM IST
Updated Thu, 17 Sep 2015 09:00 AM IST
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accused of fraud ran away to foreign

एक करोड़ 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी में फंसे मुंबई के वरुण इंडस्ट्रीज के तीन निदेशक देश छोड़कर भाग निकले हैं। आगरा की थाना हरीपर्वत पुलिस ने जब मुंबई में उनके ठिकानों पर दबिश दी तो जानकारी हुई कि तीनों चार माह से विदेश में हैं। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस इंटरपोल की मदद लेगी। इसके लिए रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया है।

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मुंबई में वरुण इंडस्ट्रीज की वरुण स्टील, वरुण पेट्रो केमिकल और वरुण पावर समेत कई कंपनियां हैं। कंपनी के निदेशक वरुण मेहता और किरन मेहता ने एक साल पहले संजय प्लेस स्थित फाइनेंस कंपनी एसई इन्वेस्टमेंट लिमिटेड से व्यापार के लिए एक करोड़ रुपये का ऋण लिया था। कुछ माह बाद वरुण इंडस्ट्रीज ने लोन की किस्तें अदा करना बंद कर दिया।
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इस पर एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी ने नोटिस जारी किए। इसके बाद ऋण अदायगी के लिए कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की मगर बात नहीं बन सकी। इसके बाद एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी के महेश दीक्षित ने वरुण मेहता, किरन मेहता और कैलाश अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

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क्या है रेड कार्नर नोटिस की प्रक्रिया

accused of fraud ran away to foreign

इस मामले की जांच कर रही हरीपर्वत पुलिस ने इंडस्ट्रीज के निदेशकों को नोटिस भेजे। लेकिन धोखाधड़ी के आरोपियों ने मुकदमे के सिलसिले में न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए। इसके बाद पुलिस ने उनके घरों पर धारा 82 की कार्यवाही करके कुर्की नोटिस भी चस्पा किए।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पिछले दिनों हरीपर्वत पुलिस की टीम मुंबई पहुंची तो उन्हें पता चला कि कंपनी के तीनों निदेशक चार माह पहले ही देश छोड़कर जा चुके हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए अब इंटरपोल की मदद लेगी। इसके लिए पुलिस ने रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है।

रेड कार्नर नोटिस के लिए संबंधित थाने की पुलिस एसएसपी को पत्र लिखती है। इसके बाद लखनऊ में आईजी क्राइम के कार्यालय से गृह विभाग को पत्र लिखा जाएगा। गृह विभाग आगामी कार्यवाही के लिए विदेश मंत्रालय को लिखेगा। विदेश मंत्रालय ही रेड कार्नर नोटिस जारी करेगा। इस नोटिस के जारी होने के बाद इंटरपोल भी आरोपियों की मदद में सहयोग करेगा।

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