फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   UP Accountant Earned 50 Crore Rupees

यूपी के इस लेखपाल ने कैसे कमाए 50 करोड़?

Fri, 07 Nov 2014 01:54 PM IST
Updated Fri, 07 Nov 2014 01:54 PM IST
विज्ञापन
UP Accountant Earned 50 Crore Rupees

लेखपाल संघ के संरक्षक शिवकुमार गोयल की संपत्ति का काला चिट्ठा प्रशासन ने तैयार कर लिया है। जांच में शिवकुमार, उसके बेटे और बहू के पास 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई है। बेनामी संपत्ति इतनी है कि प्रशासन को रिकॉर्ड जुटाना मुश्किल हो रहा है। बेटे-बहू के नाम 54 स्थानों पर जमीन खरीदी गई है। लेखपाल ने 29 ऐसे लोगों के पट्टे काट दिए, जिनके नाम अस्तित्व में ही नहीं हैं। इस जमीन पर भी शिवकुमार का कब्जा है।

विज्ञापन


जिला प्रशासन ने पूर्व लेखपाल शिवकुमार और उसके परिवार की संपत्ति का डाटा एकत्र कर लिया है। एडीएम एफ रामकिशन शर्मा ने बताया कि छानबीन में गोयल पर 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई है। शिवकुमार ने अपने पुत्र राहुल गोयल, पुत्रवधू रेणू गोयल और अन्य रिश्तेदारों के नाम जमीनें खरीद डालीं।
विज्ञापन


2001 से अब तक 54 स्थानों पर जमीन खरीदी गई है। खेती की जमीन के साथ शहर से सटे स्थानों पर प्लॉट भी खरीदे गए हैं। शुक्रताल में मंगल, कंवरसेन, राकेश, सियाराम, विष्णुदत्त, बबीता, शरद से जमीनें खरीदीं। मंडावर बिजनौर के भगवाना, राजपाल, पप्पू आदि से जमीन खरीदना दिखाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाजीपुर के श्यामू, नौना के ताराचंद, सालारपुर के ओमवीर, हाजीपुर के सुखदेव, प्यारे सिंह, भोकरहेड़ी की मिथलेश, योगेश, मजलिसपुर के बुद्धराम, तुलाराम, पाल्ला, पातू, शकुंतला, मेघराज, ओमवती, वीरसिंह, सतबीर, कलीराम, दयाराम और फिरोजपुर के राजेश, गोरधनपुर की पुष्पा, रामराज की हरप्रीत, गुरपाल, सुरेंद्र कौर, फिरोजपुर बांगर के अमर सिंह, चित्तौड़ा के इलियास, शेरनगर के मामचंद, भगवत से जमीन खरीदी गई। जो जमीनें खरीदी गईं उसका रकबा 20.775 हेक्टेयर है। कानूनन एक नाम पर पांच हेक्टेयर से ज्यादा जमीन नहीं खरीदी जा सकती है।

शिवकुमार गोयल और उसके परिवार के नाम शहर में कई स्थानों पर प्लॉट हैं। बीबीपुर में 966.66 वर्ग मीटर जमीन उसने 2011 में खरीदी। अंकित विहार में 10.83 वर्गमीटर जमीन शिवकुमार के नाम है। सालारपुर और अंकित विहार की चार अलग-अलग जमीनें की शिवकुमार बिक्री कर चुके हैं।

जयभगवान ने ठेके पर उठा दी वन विभाग की जमीन

UP Accountant Earned 50 Crore Rupees

प्रशासन की टीमें गुरुवार को भी लेखपालों की जांच-पड़ताल में जुटी रहीं। लालपुर रहड़वा में वन विभाग की 300 बीघा जमीन पर 13 लोग खेती करते पाए गए। लेखपाल जयभगवान ने यह जमीन ठेके पर उठा रखी थी। टीम ने मौके से जयभगवान के को लोगों को हिरासत में ले लिया है। वन विभाग ने 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

एडीएम प्रशासन डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लालपुर रहड़वा गांव की जमीन की पैमाइश कराई गई तो पाया गया कि वन विभाग की जमीन पर खेती कराई जा रही है। कई सालों से लेखपाल जयभगवान इस जमीन को ठेके पर देता आ रहा है। लेखपाल ही किसानों से वसूली करता था।

वन अधिकारी शादाब आलम की ओर से विभाग की जमीन पर खेती करने वाले लालपुर रहड़वा के उपहार, प्रेम, कुंवर, अनिल, गजेंद्र, अंकित, ईलम, नीटू, भारती, शौकेंद्र, प्रमोद, ज्ञानी, मुकेश के खिलाफ रामराज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासन ने रामराज में जयभगवान के भतीजे गौरव द्वारा चलाए जा रहे जनसेवा केंद्र को भी बंद करा दिया है।

शाहपुर में जयभगवान के कृषि फार्म पर तीन ट्रैक्टर मिले। बड़ी संख्या में कृषि यंत्र, मारुति कार आदि भी मौके से मिले। सभी वाहनों और कृषि यंत्रों को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। यह भी जांच कराई जा रही है कि रिकार्ड में यह वाहन किसके नाम हैं। जयभगवान के शाहपुर के घेर में अंडरग्राउंड गोदाम मिला है। गोदाम से डीजल का एक टैंकर मिला है। डीजल को सीज कर दिया गया है।

लेखपाल जयभगवान के शाहपुर स्थित फार्म हाउस से प्रशासन ने बंधुवा मजदूर जगवीर उर्फ गांधी को मुक्त कराया है। गांधी बीते आठ वर्षों से फार्म पर बंधक था। उसे केवल भोजन और कपड़े दिए जाते थे। रामराज थाने में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्यवीर सिंह ने गांधी को बंधक बनाए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है।

विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे अधिकारी

UP Accountant Earned 50 Crore Rupees

जानसठ तहसील में पिछले 20 वर्षों से लेखपाल शिवकुमार और जयभगवान का दबदबा रहा है। अधिकारी भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पिछले दिनों तीन लेखपालों के ट्रांसफर की सिफारिश नहीं मानने पर लेखपालों ने एसडीएम को भी दबाव में लेने की कोशिश की थी। हालांकि एसडीएम सख्ती से पेश आए और आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।

लेखपाल जयभगवान और शिवकुमार द्वारा अधिकारियों को धमकाने के कई मामले सामने आए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व रामकिशन शर्मा ने बताया कि इन लेखपालों ने तहसीलदार राकेश कुमार के साथ गाली-गलौज करने के बाद एसडीएम उमेश मिश्रा को भी तीन लेखपालों के जबरन ट्रांसफर कराने की कोशिश की। एसडीएम सख्ती से पेश आए और लेखपालों को हड़काते हुए डीएम को पूरे मामले की रिपोर्ट दी।

लेखपालों ने एसडीएम को भी ट्रांसफर कराने की धमकी दी थी। बाद में लेखपालों ने सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो कीरतपाल के साथ जानसठ में उन्हीं के कार्यालय में मारपीट का प्रयास किया। कीरतपाल ने भी डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। नायब तहसीलदार चंद्रपाल सोनी को इन दोनों लेखपालों ने 2010 में उन्हीं के कार्यालय में हमले का प्रयास किया। इसी प्रकार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने और उनका उत्पीड़न करने के मामले सामने आए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed