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सीबीआई, सीवीसी को मिले संवैधानिक दर्जा: कैग
गुड़गांव/एजेंसी
Updated Wed, 07 Nov 2012 09:29 PM IST
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय ने कहा है कि भ्रष्टाचार से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सीबीआई और सीवीसी जैसी संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की जरूरत है।
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यहां पर आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में राय ने कहा कि यदि आप हकीकत में चाहते हैं कि सीबीआई और सीवीसी जैसी कुछ संस्थाएं अपना काम प्रभावी ढंग से और स्वतंत्र रूप से करें तो आपको खतरा लेते हुए इन्हें संवैधानिक दर्जा देना होगा।
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ये दोनों ही स्वतंत्र संस्थाएं नहीं हैं। इसी वजह से लोग इन्हें सरकार की कठपुतली कहते हैं। लोकपाल से आप स्वतंत्र और स्वायत्त रूप में कार्य करने की उम्मीद करते हैं तो इसे संवैधानिक दर्जा देने की गारंटी देनी होगी।
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उन्होंने कहा कि कैग संवैधानिक संस्था है। इसकी नियुक्ति छह साल के लिए होती है और इससे पहले सरकार इसे नहीं हटा सकती। रिटायर होने के बाद भी सरकार इसे कहीं ओर नियुक्त नहीं कर सकती जबकि दूसरी संस्थाओं के प्रमुखों को सरकार हटा सकती है।
कैग ने ही 2जी स्पेक्ट्रम, कोल ब्लॉकों के आवंटन, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटालों को उजागर किया, जिससे सरकार को काफी बदनामी सहनी पड़ी। भ्रष्टाचार के संदर्भ में राय ने कहा कि लोकपाल कानून से यह खत्म नहीं हो सकता है लेकिन जागरूकता फैलाकर इसमें कमी लाई जा सकती है।