आप ने खोया आपा, झाड़ू के प्रचार में गालियों की झड़ी

अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 24 Nov 2013 12:22 AM IST
विज्ञापन
abusive language used in aap live concert

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जंतर-मंतर पर शनिवार को ‘आप’ पार्टी की ओर से आयोजित लाइव कंसर्ट में युवाओं के जोश के बीच कुमार विश्वास अपना होश खो बैठे। मंच का संचालन करते समय कुमार ने जहां साहित्य अकादमी और पद्मश्री पुरस्कारों को अपने जूते की नोंक पर रखा बताया, वहीं दलाल, कुत्ते, गधे, कमीने जैसे कई शब्द आम रहे। गीत-संगीत के कार्यक्रम में कुमार अपने खिलाफ हुए स्टिंग ऑपरेशन पर बोल रहे थे।
विज्ञापन

स्टिंग करने वाली वेबसाइट पर हमला बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने हमारे खिलाफ गधे लगा दिए थे। हम घोड़े निकले। सारा कुछ कर लिया। स्टिंग भी दिखा दिया। लेकिन मिला क्या, बाबाजी का ठुल्लू? वेबसाइट के मालिक के बारे में कहा कि ठीक ही हुआ, हमारे यहां कहा जाता है, ‘दो पैसे की हांड़ी टूटी, लेकिन कुत्ते की जात पता चल गई।’ इस दौरान उन्होंने जेसिका कांड के बहाने स्टिंग दिखाने वाले चैनल पर भी हमला किया।
कार्यक्रम के पैसे लेने और हवाई जहाज से सफर के आरोप पर कुमार ने कहा कि तुम्हारे जीजाजी की तरह हमने खेत से पैसे नहीं उगाए हैं। मैंने मैडम के घटिया भाषणों की वर्तनी शुद्ध नहीं की, उस युवराज के पीछे नहीं लगे रहते जो पोगो चैनल देखकर बोलता है। हमने सौ रुपये में कविता करने से सफर शुरू किया। देश ने हमें इज्जत दी है। लेकिन हमने उन्हें इज्जत दी जिनकी औकात ऑटोग्राफ लेने की नहीं थी। आज वही हमारा स्टिंग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें पुरस्कारों के लिए चापलूसी करने की जरूरत नहीं है। साहित्य अकादमी और पद्म पुरस्कारों को हम अपने जूते की नोंक पर रखते हैं। कुमार विश्वास ने कहा कि हम अहिंसक जरूर हैं, लेकिन नपुंसक नहीं है। हमें अन्ना ने टोपी पहना दी, अरविंद ने ईमानदारी से काम करने की जिम्मेदारी दे दी वर्ना सड़क की दूसरी तरफ हम देखे लेते कि तुममें कितना दम है।
aam aadmi party
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व राहुल गांधी पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कुमार ने कहा कि दिल्ली में महारानी आंख पर पट्टी बांधकर बैठी हैं, उन्हें कुछ दिखाई नहीं पड़ता। गूंगे धृतराष्ट्र हैं, जिन्हें बोलना नहीं आता और एक मूर्ख युवराज दुर्योधन है जो प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहा है।

उन्होंने कहा कि एक नेता हैं जिन्होंने अन्ना के अनशन पर कटाक्ष किया था, लेकिन वे घर में राबड़ी होते हुए चारा खाते हैं। वही भाजपा है, जिसने अटल जी को गाली देने वाले को अपने दफ्तर में बैठा रखा है। कुमार ने कहा कि जनता अब सब कुछ समझ गई है। चार दिसंबर को वह वादाखिलाफी का बदला लेगी।

विशाल ने गाया 'बचना ऐ कमीनो'
लाइव कंसर्ट के बाद युवाओं के बीच गायक विशाल डडलानी व मनीष सिसौदिया ने भी एक बार होश खोया। मनीष ने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन पर 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद हमारे पास कई एसएमएस आए। ज्यादातर में यही कहा गया था कि चिंता मत करना। कमीने अंतिम ताकत लगा रहे हैं। इस बार ये नहीं बचेंगे। सभी तिहाड़ जेल के अंदर होंगे। वहीं, विशाल डडलानी ने एक गाने के शब्द ही बदल दिए। उन्होंने पूरा गीत ‘बचना ऐ कमीनो, लो मैं आ गया.....’ गाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us