नवजात बेटे और एके-47 के साथ आतंकी
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सीरिया में लड़ रहे भारतीय मूल के 31 वर्षीय संदिग्ध आईएस आतंकी ने अबु रुमायशाह ने ट्विटर पर अपनी एक फोटो साझा की है जिसमें वो अपने नवजात बच्चे संग एके-47 लिए खड़ा है।
धर्म बदलकर कर सिद्धार्थ धर से अबु रुमायशाह बनने वाले इस संदिग्ध आतंकी ने बुधवार को अपनी यह तस्वीर ट्विटर पर अपलोड की। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, वह बहुत ही गर्व के साथ तस्वीर में खड़ा है।
ब्रिटेन में उसे आतंकी गतिविधियों के शक में इस साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उसे बाद में जमानत दे दी गई थी। रिहा होने के 24 घंटे के भीतर वह ब्रिटेन से फरार हो गया था।
यहां से वह अपनी गर्भवती पत्नी और चार बच्चों के साथ पेरिस गया था और वहीं से सीरिया भाग गया था। आईएस में शामिल होने से पहले भी वह सीरिया गया था। उसके सीरिया पहुंचने की सार्वजनिक घोषणा के कुछ घंटों बाद ही उसने ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट कर अपने पिता बनने की घोषणा की।
आतंकी ने बेटे को बताया आईएस का साथी
उसने अपने बेटे का आईएस का साथी बताया और कहा कि उसकी पहचान ब्रिटिश के तौर पर नहीं होगी। ब्रिटेन में रहते हुए उसने इस्लामिक स्टेट के अधीन जीने की खुले आम घोषणा की थी। उसके यात्रा करने पर पाबंदी भी लगा दी गई थी।
धार यूके का जाना माना चेहरा है जो कि लगातार टेलिविजन के माध्यम से यह घोषणा करता रहा है कि उसकी इच्छा है कि वो इस्लामिक स्टेट के साथ जिए, जो कि ईराक और सीरिया में खुद को स्थापित करने के लिए लड़ रहा है।
यात्रा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, धार ने लंदन छोड़ दिया और वो पेरिस पहुच गया और एक अज्ञात आईएस मिलिटेंट के तौर पर यात्रा करता रहा ताकि वो अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ जी सके।
एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में धार ने बताया कि उसे सीरिया जाकर ब्रिटिश की नागरिकता को बदनाम करने में खुशी होगी, और शरिया के अंतर्गत उन्हें इस्लामिक स्टेट के साथ जीने में खुशी मिलेगी। उसने कहा कि मुझे उम्मीद है कि एक दिन ब्रिटेन भी शरिया कानून के अंतर्गत जिएगा।