कांग्रेस की टोटका रणनीति ने सभी को डाला हैरत में
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कांग्रेस प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की पत्नी और शहर की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने शनिवार को कांग्रेस के टिकट पर वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र की चुनावी जंग को रोमांचक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।
नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस की इस रणनीति ने सभी को हैरत में डाल दिया। मेयर अभिलाषा गुप्ता ने कांग्रेस प्रत्याशी नंदी के वैकल्पिक उम्मीदवार के रूप में सीआरओ कोर्ट में रिटर्निंग अफसर/सीडीओ अटल कुमार राय के समक्ष पर्चा दाखिल किया।
मेयर के पर्चा दाखिल करने के बाद यह साफ हो गया है कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान अगर नंदी का पर्चा किसी वजह से खारिज हुआ तो अभिलाषा को कांग्रेस का सिंबल मिल जाएगा और यदि नंदी नाम वापस लेते हैं तो भी अभिलाषा कांग्रेस की प्रत्याशी होंगी।
प्रत्याशी का टोटका या कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने इलाहाबाद सीट से पार्टी प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की पत्नी एवं महापौर अभिलाषा गुप्ता को पार्टी का वैकल्पिक प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया। यह प्रत्याशी का टोटका है या कांग्रेस की रणनीति, यह नाम वापसी के बाद तय होगा लेकिन ‘अमर उजाला’ ने 18 अप्रैल के अंक में ही इस आशय की खबर प्रकाशित कर दी थी कि अभिलाषा अपने पति नंदी के विकल्प के रूप में 19 अप्रैल को नामांकन करेंगी और पार्टी वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में उनका नाम अधिकृत करेगी।
हालांकि पहले भी जिन चुनावों में नंदी लड़े, उनमें अभिलाषा ने भी उसी क्षेत्र से पर्चा दाखिल किया जहां से नंदी ने नामांकन किया। यह उनका पुराना टोटका है। नंदी को लगता है कि अभिलाषा उनके लिए शुभ हैं और वह नामांकन करेंगी तो नंदी को जीत जरूर मिलेगी।
अभिलाषा के नाम पर हाईकमान की मुहर
अभिलाषा पहले 17 अप्रैल को ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने जा रही थीं लेकिन पार्टी ने अचानक रणनीति बदली और हाईकमान से बात कर अभिलाषा के नाम को कांग्रेस के वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में अधिकृत किए जाने की मांग की गई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने नए सिरे से फॉर्म-बी जारी किया, जिसमें प्रत्याशी के नाम वाले कॉलम में नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और वैकल्पिक उम्मीदवार के कॉलम में अभिलाषा गुप्ता का नाम दर्ज है।
पार्टी को अचानक वैकल्पिक प्रत्याशी के नाम की घोषणा क्यों करनी पड़ी, इसको लेकर तमाम चर्चाएं हैं। कोई इसे टोटका तो कोई पार्टी की रणनीति मान रहा है। इस बारे में अभिलाषा का कहना है कि यह बात सही है कि नंदी उन्हें शुभ मानते हैं और पूर्व के चुनावों में भी उन्होंने नंदी के साथ नामांकन किया लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं।
उनका आरोप है कि प्रशासन सत्तापक्ष के इशारे पर नंदी के खिलाफ लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में नामांकन पत्र की जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी हो सकती है। फॉर्म-बी उन्हें वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में अधिकृत किए जाने के बाद कम से कम यह तो तय हो गया है कि किसी एक का भी नामांकन पत्र खारिज हुआ तो दूसरा प्रत्याशी कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ सकेगा।
नाम वापस ले सकते हैं नंदी
इलाहाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के विकल्प के रूप में उनकी पत्नी एवं महापौर अभिलाषा गुप्ता के नामांकन करने के बाद अब इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि नंदी अपना नाम वापस ले सकते हैं और चुनाव मैदान में अभिलाषा अन्य प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे सकती हैं।
इस बारे में नंदी सीधे तौर पर कुछ नहीं बोले, वहीं अभिलाषा ने कहा कि उन्होंने नंदी के विकल्प के रूप में पर्चा भर दिया है। अब पार्टी के लोगों के साथ बैठकर रणनीति बनाई जाएगी कि चुनाव किस तरह से लड़ना है। चुनाव कौन लड़ेगा, यह नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ हो जाएगा।
कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में अकेले इलाहाबाद से महापौर अभिलाषा गुप्ता को पार्टी के वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में चुना। पार्टी के प्रदेश सचिव परवेज अंसारी का कहना है कि इलाहाबाद में नंदी का प्रभाव देख सत्तापक्ष के लोग घबराए हुए हैं और नंदी को चुनाव मैदान से हटाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसी वजह से अभिलाषा गुप्ता को पार्टी ने नंदी का वैकल्पिक प्रत्याशी चुना है ताकि दोनों में से कोई एक चुनाव मैदान में बना रहे।