फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   abdul of nepal helped by nirbhay of india

नेपाल के ‘अब्दुल’ को परदेस में मिला निर्भय का सहारा

Wed, 12 Aug 2015 02:26 AM IST
Updated Wed, 12 Aug 2015 02:26 AM IST
विज्ञापन
abdul of nepal helped by nirbhay of india

नेपाल में भूकंप त्रासदी के बाद भूख ने बेहाल किया तो काम की तलाश में अब्दुल ने भी अपना घर छोड़ दिया। खाली पेट, फटे कपड़े और बुरा हाल मानों महीनों ऐसे ही सफर में किया हो।

विज्ञापन


त्रासदी से बाहर आया लेकिन मुसीबतों के जाल से नहीं। दर दर की ठोकरें खाते सुहागनगरी पहुंचा लेकिन आफत साथ ही लगी रही। शहर में कदम रखते ही हादसे का शिकार हो गया और अस्पताल पहुंच गया।
विज्ञापन


प्रशासन ने नेपाल भेजने से इनकार कर दिया है। ऐसे में सद्भावना समिति से जुड़े निर्भय गुप्ता उसकी मदद को आगे आए है और उसे उसे नेपाल पहुंचाने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 नेपाल निवासी अब्दुल रसीद अब हादसे में घायल होकर जिंदगी और मौत से  संघर्ष कर रहा है। 25 अगस्त को फीरोजाबाद पहुंचे अब्दुल का रात्रि में 11 बजे एक्सीडेंट हो  गया।

घायल हालत में पड़े अब्दुल की जेब से एक युवक पर्स और नकदी निकाल ले गया। मामला दो अलग-अलग मुल्कों का होने की वजह से  प्रशासन भी हाथ खड़े करने लगा है।

बताया जा रहा है कि मजदूरी करने के लिए  निकलने से पहले अब्दुल कुछ संपर्क  सूत्र लेकर नेपाल से चला था। होश में आने पर  अब्दुल ने खुद को जिला अस्पताल में पाया। दो दिन बाद नेपाली अब्दुल की मुलाकात निर्भय गुप्ता से हो गई। बजरंगी भाई की तरह उसे अब्दुल को नेपाल भेजने का संकल्प लिया है।

इलाज करने से मना कर रहे अस्पताल

abdul of nepal helped by nirbhay of india

पैर  टूटा हुआ है। ट्रामा सेंटर में ले जाने पर वहां विदेशी होने की बात कहकर संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए। डीएम से मुलाकात की तो उन्होंने  सीएमओ के पास भेज दिया। मगर नेपाली होने की वजह से अभी तक इलाज शुरु नहीं  हुआ है।

चूड़ी की खनक से तलाशा जा रहा घर

नेपाली अब्दुल  पते में सिर्फ गांव पकड़ी बताया है। पकड़ी गांव में चूड़ी की दुकान के बराबर घर बता रहा है। निर्भय ने नेपाल में चूड़ी भेजने वाले व्यापारियों से  संपर्क साधना शुरू कर दिया है। समस्या तो यह आ रही है कि नेपाल में कई  पकडी गांव हैं।

नेपाल पुलिस से हो रही है लगातार बात

abdul of nepal helped by nirbhay of india

नेपाल पुलिस से हो रही है लगातार बात

निर्भय  ने इंटरनेट पर सर्च कर नेपाल पुलिस का संपर्क साधा और नेपाली अब्दुल की  बात कराई। मगर वहां से भी पगडी गांव बहुत होने की बात कही। आईएसडी कॉल  महंगी होने की वजह से इधर से तो संपर्क किया जा रहा है। मगर वहां की पुलिस  ने कोई कोशिश नहीं कर रही है। नेपाल दूतावास को सूचना देने के लिए प्रयासरत  हैं।

नेपाली दिल में बस गया आई-लव-माई इंडिया


प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी विदेशों घूमकर इंडिया की ब्राडिंग कर रहे हैं। सुहागनगरी के  लोग विदेशी दिलों में भी देश तारिफ कराने से नहीं चूकते। नेपाली अब्दुल ने  निर्भय के सेवा भाव को देखकर भारतीय लोगों की तारीफ की। निर्भय कहते हैं कि  अतिथि देवो भव भारतीय संस्कारों में है। इसका पालन करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed