'केजरीवाल की धमकी से निकाले योगेंद्र-प्रशांत'
आम आदमी पार्टी की संसदीय कार्य समिति(पीएसी) से पार्टी के संस्थापक सदस्यों प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव की छुट्टी किए जाने पर पार्टी के ही नेता मयंक गांधी ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मयंक गांधी के इन आरोपों ने न सिर्फ आम आदमी पार्टी कार्य प्रधाणी पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी कठघरे में खड़ा किया है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को ये धमकी दी थी कि अगर प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव पीएसी से नहीं हटाए गए तो वे अपना इस्तीफा दे देगें।
केजरीवाल पर यह आरोप उनके किसी विरोधी ने नहीं बल्कि पार्टी के ही नेता मंयक गांधी ने लगाए हैं। मयंक गांधी ने केजरीवाल पर और कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। मयंक गांधी आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र के प्रमुख नेता हैं।
मयंक गांधी के केजरीवाल पर गंभीर आरोप
मयंक गांधी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि 26 फरवरी की रात को राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य जब योगेंद्र और प्रशांत भूषण के पत्र लीक होने के मामले में केजरीवाल से मिलने पहुंचे तो केजरीवाल ने कहा कि अगर प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पीएसी से बाहर नहीं किया गया तो वह पार्टी के संयोजक पद से इस्तीफा दे देंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मयंक गांधी ने लिखा है कि केजरीवाल ने जो 26 फरवरी की रात को जो कहा वही बात बुधवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में साफ दिखी है।
उन्होंने कहा कि इस बात को योगेंद्र यादव समझ गए थे कि केजरीवाल उन्हें पीएसी में नहीं रखना चाहते और योगेंद्र यादव अपनी खुशी से पीएसी से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार थे। लेकिन उन्हें सबके सामने पार्टी की पीएसी से निकाला गया जो बिल्कुल गलत है।
पीएसी से निकाले जाने से पहले योगेंद्र यादव ने दो विकल्प भी सुझाए थे। 1- पीएसी का पुनर्निमाण किया जाए 2- या फिर दोनों सदस्यों को पीएसी की बैठकों में भाग लेने से वंचित रखा जा सकता है।
मनीष सिसोदिया के कहने पर निकाले गए योगेंद?
मयंक गांधी ने लिखा है कि योगेंद्र यादव के सुझावों को लेकर केजरीवाल से बात की गई लेकिन तभी ने मनीश सिसोदिया ने दोनों के खिलाफ प्रस्ताव लाकर पीएसी से हटाने की बात कही।
मयंक ने आगे कहा है कि वे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पीएसी से सार्वजनिक तौर पर निकाले जाने से बेहद हैरान हुए हैं। जब योगेंद्र यादव अपनी मर्जी से पीएसी छोड़ने को तैयार थे तो उन्हें सबके सामने पीएसी से बेदखल करने का क्या तरीका था? मयंक ने इस पर पार्टी की मंशा और तौर-तरीके को भी गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के इस निणर्य से दुनियाभर में मौजद कार्यकर्ताओं की भावनाओं को धक्का लगा है। अपने इस ब्लॉग पर मयंक गांधी ने योगेंद्र यादव से प्रतिक्रिया देने को भी कहा है लेकिन योगेंद्र यादव ने मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।