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बेशर्म आप नेता! किसान मरता रहा वे भाषण देते रहे

Thu, 23 Apr 2015 02:55 PM IST
Updated Thu, 23 Apr 2015 02:55 PM IST
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aap rally and gajendra singh suicide

आम आदमी पार्टी की जंतर मंतर पर पहली रैली नहीं थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ शंखनाद उन्होंने जंतरमंतर पर ही किया था। जनलोकपाल, जन संवाद और जनता के लिए कई वादें उन्होंने जंतरमंतर पर ही किए थे, लेकिन बुधवार को उसी जंतरमंतर पर आम आदमी पार्टी के नेताओं का नया चेहरा दिखा। बेशर्म और संवेदनहीन!

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आम आदमी की बेबसी को मुद्दा बनाकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की रैली में आम आदमी ने आमहत्या कर ली और आम से खास हो चुके नेता भाषणबाजी करते रहे। जिन्हें मंच पर जगह नहीं मिली, उन्होंने मौत के तमाशे का लाइव ट्वीट किया।
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भड़ास खत्म नहीं हुई तो प्रेस कांफ्रेंस में तंज करने से भी नहीं चूके। किसानों की आत्महत्या को झूठा करार देने वाले केंद्र सरकार के बयानों का जवाब देने के लिए आम आदमी पार्टी ने देश की राजधानी में आत्महत्या का सीधा प्रसारण करा दिया।
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रैलियों में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति मुल्क ने पहले भी देखी थी, लेकिन रैलियों में आत्महत्या की राजनीति पहली बार देखी।

संसद से महज एक किमी दूर मौत के तमाशबीन

aap rally and gajendra singh suicide

संसद से महज एक किलोमीटर दूर तकरीबन 5,000 लोगों की भीड़ में राजस्‍थान के दौसा जिले के किसान गजेंद्र सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर दिल्‍ली सरकार की पूरी कैबिनेट मौजूद थी।

आम आदमी पार्टी ने किसानों की बर्बादी के मुद्दे पर अपनी संवेदना ‌जाहिर करने के लिए जंतर मंतर पर रैली की थी।

ये रैली पार्टी की मिशन विस्तार की उस मुहिम का हिस्सा भी थी, जिसे खारिज करते हुए आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने चंद दिनों पहले कहा था कि वे नेपोलियन नहीं है, जो एक राज्य के बाद दूसरा राज्य जीतते चलें।

हालांकि उस रैली में हुई मौत के बाद किसानों की आत्महत्याओं के मुद्दे पर होने वाली झूठी राजनीति की भी पोल खुल गई।

दिल्ली सरकार देख रही थी मौत का तमाशा

aap rally and gajendra singh suicide

गजेंद्र की मौत के तमाशबीन आप नेता ही नहीं रहे, सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी भी रहे। उसे पेड़ से उतारकर अस्पताल भेज दिया गया, उसके बाद भी आप की रैली जारी रही है।

कुमार विश्वास, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने करीब डेढ़ घंटे तक भाषण दिया। अरविंद केजरीवाल उठे महज दो मिनट बोलने के लिए थे, लेकिन बोलना शुरु किया तो बोलते ही रहे।

आप नेता भाषण तक ही नहीं रुके। रैली के बाद भी उन्हें ऐसे बयान दिए, वे भी बेशर्मी की हद थे। आप विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि दिल्ली पुलिस उस पेड़ के सबसे नजदीक थी, तो क्या यह उनकी जिम्मेदारी नहीं थी?

आप नेताओं के बयान और तंज, हे! भगवान

aap rally and gajendra singh suicide

आप नेता आशुतोष ने किसान की मौत पर तंज करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल की गलती है कि वह तुरंत किसान को बचाने के लिए पेड़ पर नहीं चढ़े। अगली बार ऐसा हुआ तो वे पेड़ पर खुद चढ़ेंगे और किसान को बचाएंगे। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली।

कुमार विश्वास किसान की मौत पर भी कव‌िता करने से नहीं चुके। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विदर्भ में इतने किसानों ने आत्महत्या कर ली, वे तो किसी रैली में नहीं आए थे। उसकी जिम्मेदारी किसकी है।

आप के नए चाणक्य संजय सिंह ने कहा कि मंच से लगातार किसान को पेड़ से उतारने की अपील की जाती रही, लेकिन दिल्ली पुलिस का एक भी जवान हरकत में नहीं आया।

अरविंद केजरीवाल लीपापोती से नहीं चूके

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आप विधायक अलका लांबा में किसान की मौत की तसदीक का ट्वीट भी किया। हालांकि बाद उन्होंने वह ट्वीट डीलीट कर दिया।

आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल गजेंद्र सिंह की मौत पर लीपापोती करने से भी नहीं चूके।

उन्होंने कहा कि मंच से हम बार-बार कहते रहे कि बचा लीजिए। पुलिस मेरे कंट्रोल में नहीं है तो क्या हुआ। भगवान के कंट्रोल में तो है। किसी के सामने किसी की जान जा रही है तो इतनी इंसानियत तो बनती है कि उसे बचा लें।

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