फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   aap party election campaign on roof of buildings

काशी की तंग गलियों में फंसे केजरीवाल का 'अनोखा रास्ता'

Thu, 08 May 2014 12:56 PM IST
जयेंद्र चतुर्वेदी/अमर उजाला, वाराणसी
जयेंद्र चतुर्वेदी/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 08 May 2014 12:56 PM IST
विज्ञापन
aap party election campaign on roof of buildings

प्राचीन नगरी काशी के उन तंग मुहल्लों में भी बड़ी सभाएं हो सकेंगी, जहां गलियां बहुत संकरी हैं और कोई पार्क इत्यादि नहीं हैं। दरअसल, आम आदमी पार्टी ने इन मुहल्लों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए सभा का अनोखा खाका तैयार किया है।

विज्ञापन


अरविंद केजरीवाल की ये सभाएं नुक्कड़ या पार्क में नहीं, बल्कि घरों की छतों पर होंगी। ‘छत सभा’ के लिए प्रशासन से अनुमति मांगे जाने के साथ ही टीम आप की ओर से इन मुहल्लों में ऐसे स्थान चुने जा रहे हैं जहां चार या उससे ज्यादा भवनों की छत आपस में जुड़ी हो।
विज्ञापन


गंगा के तटीय क्षेत्रों में पार्टी ने नाव रैली, नाव सभा और महिलाओं के बाइक जुलूस के लिए भी प्रशासन से अनुमति मांगी है।

'टीम आप' ने निकाला नया तरीका

aap party election campaign on roof of buildings

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रात-दिन एक कर चुनाव प्रचार में जुटी आम आदमी पार्टी के लिए काशी का पक्का महाल और गंगा किनारे के प्रह्लाद घाट, दशाश्वमेध, गोदौलिया से लंका के बीच का इलाका शुरू से ही प्राथमिक क्षेत्रों में शामिल रहा है।

पार्टी सूत्रों की मानें तो इन क्षेत्रों से समर्थन तो मिल रहा है लेकिन वह अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। डोर टू डोर जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया जा रहा है। दिल्ली के पूर्व मंत्री, विधायक के साथ बॉलीवुड की कई हस्तियां पसीना बहा रही हैं।

बावजूद इसके अपने इस प्राथमिक क्षेत्र में पार्टी की स्थिति बहुत मजबूत नहीं हो पाई है। तंग मुहल्लों वाले इस क्षेत्र में कोई पार्क आदि नहीं हैं। गलियां भी इतनी संकरी हैं कि वहां जनसभा नहीं हो सकती। ऐसे में काशी की नब्ज कहे जाने वाले इन क्षेत्रों में अरविंद केजरीवाल की सभा के लिए ‘टीम आप’ ने नया तरीका निकाला है।

छतें करेंगी मैदान का काम

aap party election campaign on roof of buildings

इन क्षेत्रों में बने भवन आपस में एक-दूसरे से सटे हैं। कुछ स्थानों पर तो किसी ऊंची बिल्डिंग से देखने पर घरों की छतें मैदान सरीखा प्रतीत होती हैं। टीम ने ‘छत सभा’ के लिए गायघाट, चौक, बुलानाला, जंगमबाड़ी, केदारघाट की गली, अस्सी, भदैनी में कुछ स्थानों को रेखांकित किया है।

घनी आबादी वाले बुनकर और अल्पसंख्यक बहुल मुहल्लों में भी इस प्रकार की सभा का खाका खींचा गया है। इसके अलावा, चुनाव नजदीक आता देख टीम आप ने नाव  रैली, नाव सभा और गुल पनाग की अगुवाई में महिलाओं की बाइक रैली के लिए भी प्रशासन से अनुमति मांगी है।

आप की मीडिया प्रभारी प्रेरणा ने भी स्वीकार किया कि पार्टी ने जिला प्रशासन से इन कार्यक्रमों के लिए अनुमति मांगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed